नई दिल्ली। अर्जुन तेंदुलकर के लिए सबसे बड़ी चुनौती अगर दुनिया में हैं तो वह है उनका खुद का सरनेम। जी हां, यहां हम बात कर रहे हैं दुनिया के महान बल्लेबाज के सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की जिनको हाल में ही मुंबई की टी20 लीग के नीलामी पूल में शामिल किया गया था। अर्जुन बाए हाथ के तेज गेंदबाज हैं और 19 वर्षीय इस खिलाड़ी के लिए मुंबई टी20 लीग में पदार्पण होगा। इससे पहले अर्जुन भारत की अंडर 19 टीम में दो टेस्ट मैच खेल चुके हैं।
हालांकि इन मैचों में उनका प्रदर्शन ज्यादा खास नहीं रहा और वे तीन विकेट लेने के अलावा 14 ही रन बना पाए थे। लेकिन उनके पिता सचिन इस बात से ज्यादा चिंतित नहीं है। सचिन का मानना है कि इस वक्त सफलता से ज्यादा अर्जुन का खेल के प्रति जुनून मायने रखता है। सचिन ने आगे कहा अगर अर्जुन किसी दिन सफल नहीं होते हैं तो भी अगले दिन आएगा जब वह मजबूती से वापसी करेगा। हमेशा एक नई सुबह आती है।
वहीं, टी20 लीग के बारे में बात करते हुए सचिन ने कहा कि ये एक ऐसा अवसर है जिसे अर्जुन को दोनों हाथों से लपकना चाहिए। क्योंकि खेलों में कभी कुछ निश्चिंत नहीं होता इसलिए जो मौका मिले उसको लपको। साथ ही सचिन ने कहा, 'ये एक ऐसा मंच है जहां लोग आपको फॉलो करते हैं और अगर आप अच्छा करते हैं तो दुनिया में टॉप पर पहुंच जाते हैं। हालांकि वो अभी सफलता प्राप्त नहीं करता तो भी हमेशा आने वाली एक नई सुबह होगी जब वो मजबूती से वापसी कर सकता है।'
सचिन ने मुंबई टी20 लीग की तारीफ करते हुए यह भी कहा कि यह लीग ना केवल युवाओं को आईपीएल में दस्तक देने का मौका दे रही है बल्कि इसने उन अनजान क्लब क्रिकेटरों को भी पहचान दी है जो खेल के प्रति पूरी तरह से समर्पित है लेकिन किसी चकाचौंध से दूर हैं।