मुंबई। भारतीय क्रिकेट टीम के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का गारंटी पीरियड अब खत्म होने जा रहा है। शायद यही कारण है कि टीम के चयनकर्ताओं ने उन्हें अल्टीमेटम दे दिया है कि अगर वो 200वें टेस्ट में अच्छा नहीं खेले तो उन्हें आगे के मैचों में खिला पाना संदिग्ध होगा।
इस खबर को पढ़कर आप चौंक गये होंगे, लेकिन हम आपको बता दें कि यह खबर फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने सोमवार की शाम को दी, जिसमें यह दावा किया कि खुद संदीप पाटिल ने सचिन से मिलकर उन्हें अल्टीमेटम दिया। लेकिन आईबीएन से बातचीत में अब पाटिल कह रहे हैं कि उन्होंने सचिन को ऐसा कोई अल्टीमेटम नहीं दिया है।
अगर धुआं उठा है, तो कहीं न कहीं आग जरूर लगी होगी। जी इन बातों से यह अब साफ होता नजर आ रहा है कि वेस्टेंडीज के खिलाफ 200वें टेस्ट के बाद सचिन तेंदुलकर सन्यास ले सकते हैं। हालांकि अभी तक न तो सचिन ने ऐसी कोई बात कही है और न ही बीसीसीआई की ओर से कोई बयान आया है। लेकिन बढ़ती उम्र के साथ मास्टर ब्लास्टर से शतक की गारंटी करना अब बेईमानी होगा। हालांकि हम उनकी काबीलियत पर कोई सवाल नहीं उठा रहे हैं, क्योंकि दुनिया जानती है कि सचिन आज भी उतने ही फिट हैं, जितना 10 साल पहले थे।
बात अगर गारंटी की आ ही गई है, तो पिछले दो साल से सचिन ने टेस्ट मैच में एक भी शतक नहीं जड़ा है। सचिन ने अंतिम शतक 2011 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर मारा था। वह उनका 51वां टेस्ट शतक था। पिछले कई महीनों से सचिन आराम भी कर रहे हैं, लिहाजा यह गारंटी नहीं है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ 200वें टेस्ट में उनका बल्ला रनों की आग उगल पायेगा।