गोधरा कांड के समय राज्य के गृह मंत्री रहे झड़फिया ने मोदी के 'वाइब्रेंट गुजरात' के नारे को चुनौती देने के लिए एक मई से राज्यव्यापी अभियान आरंभ करने की घोषणा की।
लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी के साथ रहे झड़फिया वर्तमान में महागुजरात पार्टी के अध्यक्ष हैं। मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल भाजपा से बाहर होने के बाद उन्होंने यह पार्टी पिछले साल लोकसभा चुनावों से पहले बनाई थी।
झड़फिया ने दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'वाइब्रेंट गुजरात' के दावों की पोल खोलने के लिए उनकी पार्टी ने महात्मा गांधी के 'नमक सत्याग्रह' से प्रेरणा लेकर 'मीठे पानी का सत्याग्रह' आरंभ करने की योजना बनाई है।
पार्टी ने इसके लिए एक मई का दिन चुना है। इसी दिन गुजरात की 50वीं वर्षगांठ पर मोदी ने राज्य की स्थापना की स्वर्ण जयंती कार्यक्रम के भव्य आयोजन की योजना बनाई है।
झड़फिया ने कहा, "मोदी के गुजरात का वर्णन वाइब्रेंट गुजरात के रूप में किया जाता है, जिसमें आंकड़ों की जादूगरी से गुजरात के विकास का बढ़ा चढ़ाकर चित्रण किया जाता रहा है, जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। गुजरात के गांव, गरीब, किसान और समाज का शोषित वर्ग आज भी वहीं है जहां वह 10 साल पहले था।"
उन्होंने कहा, "सच तो यह है कि मोदी राज में सिर्फ गांवों का शहरीकरण हुआ है और शहरीकरण विकास का पैमाना नहीं होता। शहरी और ग्रामीण गुजरात तथा अमीर व गरीब के बीच की खाई बढ़ती जा रही है।"
उन्होंने कहा, "मोदी की सरकार अमीरों की सरकार है। "
झड़फिया ने कहा, "मोदी ने गुजरात की जनता को जो सपने दिखाए थे वह आज तक पूरे नहीं हो सके हैं।
उन्होंने सपने दिखाए थे कि नर्मदा बांध व नहर परियोजना को 2007 में पूरा कर लिया जाएगा, कल्पसर परियोजना को 2010 तक सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा, 30 लाख नए रोजगार सृजित किए जाएंगे, अहमदाबाद को शंघाई और सूरत को सिंगापुर की जरह विकसित किया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। सारे दावे धरे के धरे रह गए।"
उन्होंने कहा कि मोदी के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए उनकी पार्टी एक मई से मीठे पानी का सत्याग्रह आरंभ करेगी। "गांधीजी ने नमक सत्याग्रह किया था। उनकी प्रेरणा से हम मीठे पानी का सत्याग्रह करेंगे। इस दौरान गुजरात के आधे से अधिक हिस्सों में हम जाएंगे और 450 छोटी-मोटी सभाएं करेंगे और मोदी की पोल खोलेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।