दोनों मुकाबले स्थानीय किंगस्टन ओवल मैदान पर खेले जाएंगे। यहां सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि वेस्टइंडीज को भी जीत की जरूरत होगी। दोनों टीमों को यहां से आगे बढ़ना है तो जीत के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। यह दोनों टीमें इस दौर में एक-एक मैच हार चुकी हैं। भारत को सुपर-8 के मुकाबले के पहले मैच में शुक्रवार को आस्ट्रेलिया ने 49 रनों से हरा दिया जबकि श्रीलंका ने मेजबान वेस्टइंडीज को 57 रनों से मात दी।
भारतीय टीम के लिए चिंता की बात यह है कि उसके कई बल्लेबाज लय में नहीं हैं। आस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में रोहित शर्मा को छोड़ टीम का कोई बल्लेबाल उछाल लेती गेंदों का डटकर सामना नहीं कर सका। टीम इंडिया की गेंदबाजी भी लचर हाल में है। पिछले मैच में अनुभवी जहीर और टीम में एक प्रमुख स्पिनर की हैसियत से मौजूद जडेजा की जमकर धुनाई हुई थी। जहीर ने चार ओवरों में 45 तो जडेजा ने सिर्फ दो ओवर में 38 रन दिए थे।
श्रीलंका के खिलाफ हुए मैच से पहले वेस्टइंडीज की टीम पूरी लय में दिखाई दे रही थी। मेजबान टीम के लिए थोड़ी चिंता की बात यह है कि क्रिस गेल और केरान पोलार्ड जैसे धुरंधरों का बल्ला अब तक खामोश रहा है। उसके गेंदबाजों का प्रदर्शन भारतीय गेंदबाजों की तुलना में कहीं बेहतर रहा है। डरेन सैमी अपने हरफनमौला प्रदर्शन से मेजबानों के लिए अब तक सबसे कारगर हथियार साबित हुए हैं। टीम इंडिया को उन्हें रोकना होगा। वैसे भारतीय टीम के लिए गेल और पोलार्ड भी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
उधर, दिन का दूसरा मुकाबला भी रोचक रहेगा। आस्ट्रेलिया की टीम श्रीलंका को पटकनी देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करनी चाहेगी। दूसरी ओर कुछ ऐसी ही कोशिश श्रीलंका की टीम की भी होगी क्योंकि वह वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले एक मुकाबला जीत चुकी है।
ये दोनों टीमें फिलहाल बेहतरीन लय में हैं। कंगारू गेंदबाज श्रीलंका के माहेला जयवर्धने को रोकना चाहेंगे। वह इस टूर्नामेंट में अब तक खेले गए तीन मैचों में 279 रन बना चुके हैं। इनमें एक शतक भी शामिल है। कप्तान कुमार संगकारा भी अच्छी लय में हैं। दूसरी ओर शेन वाटसन, डेविड वार्नर और डेविड हसी जैसे आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहे हैं। श्रीलंकाई टीम की रणनीति इन पर अंकुश लगाने की होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।