नई दिल्ली। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट करियर दाैरान कई उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने दुनिया के कई खतरनाक गेंदबाजों का कठिन पिचों पर सामना किया। सचिन ने 15 नवंबर को पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। अब उनके डेब्यू के 30 साल हो जाएंगे। लेकिन इससे पहले सचिन ने दिल खोलकर कई बातें कीं। सचिन को डर सता रहा है कि टेस्ट का स्तर पूरी तरह से ना गिर जाए। सचिन ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट का स्तर नीचे गिरा है जो टेस्ट क्रिकेट के लिए अच्छी खबर नहीं है। क्रिकेट का स्तर ऊपर होने की जरूरत है और इसके लिए मैं फिर कहूंगा कि सबसे अहम चीज है खेलने वाली पिचें।
आज के दाैर में पिचें भी अपनी पसंद की बनती हैं। पिच पर या फिर तेज गेंदबाजों का सिक्का जमता है या फिर स्पिन गेंदबाजों का। सचिन का इसपर कहना है कि पिंचें संतुलित होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जिस तरह की पिचें दी जा रही हैं, उसका संबंध इससे भी है। अगर हम निष्पक्ष पिचें प्रदान करते हैं, जहां तेज गेंदबाजों के साथ-साथ स्पिनर्स को भी मदद मिलती है तो बल्ले और गेंद के बीच संतुलन फिर बहाल हो जाएगा। यदि संतुलन गायब है तो मुकाबला कमजोर हो जाता है और लोगों का ध्यान खींचने में विफल रहता है। टेस्ट क्रिकेट में अच्छे विकेट जरूर होने चाहिए।'
इसके अलावा सचिन ने कहा कि लोग जो प्रतिद्वंद्विता देखना चाहते थे, वह अब नहीं रही है क्योंकि इस समय विश्व स्तरीय तेज गेंदबाजों की बहुत कमी है। मुझे लगता है कि इस चीज की कमी अखरती है। इसमें कोई शक नहीं कि तेज गेंदबाजों का स्तर बेहतर किया जा सकता है। वहीं आईपीएल से उभर रही प्रतिभाओं को लेकर उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर किसी ने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया है, तो वो टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए फिट है। ये बिल्कुल सही होगा।