For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

'दीवानों से ये मत पूछो...'

By नितिन श्रीवास्तव
बंगलौर में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे क्रिकेट मैच की कुछ चुलबुली और अंदर की ख़बर बता रहे हैं बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव...

ऑस्ट्रेलिया के कुछ ऐसे क्रिकेट के दीवाने हैं जिन्हें इन दिनों भारत में चल रही टेस्ट श्रंखला खींच लाई है. रोस एक ऐसी ही ऑस्ट्रेलियाई महिला हैं जो सिडनी की रहने वाली हैं और अपनी मित्र लीसा के साथ क्रिकेट का लुत्फ़ उठाने भारत आई हैं.

रोस कहती हैं, "भारत आने पर पता चला कि यहाँ के लोग आपका कितना ध्यान रखते हैं. रहा सवाल क्रिकेट का तो मैं तो सचिन की दीवानी हूँ. मैंने उन्हें ऑस्ट्रेलिया में भी कई बेहतरीन पारियां खलते देखा है. यहाँ आने की एक ख़ास वजह ये भी रही कि हम सचिन को लारा के टेस्ट क्रिकेट में बनाए गए सबसे ज्यादा रनों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए देखना चाहते हैं."

सुबह-सुबह इडली-सांभर के नाश्ते के दौरान मैंने जब लीसा से पूछा कि क्या इन दोनों महिलाओं ने महीने भर से ज़्यादा अकेले भारत में सारे मैचों को देखने का इरादा बनाते वक्त सुरक्षा इंतज़ामों के बारे में भी सोचा.

इसपर लीसा बोली, "असुरक्षा का तो सवाल ही नहीं उठता. हाँ मेरी माँ ने ज़रूर थोड़ी-बहुत चिंता जताई थी पर यहाँ तो हर कोई हमारी मदद करने के लिए तैयार है, चाहे वो हमारी भाषा समझें या नहीं."

'ओल्ड इज़ गोल्ड'

'लिटिल मास्टर' सुनील गावस्कर को क्रिकेट के खेल को अलविदा कहे हुए 22 साल हो चुके हैं लेकिन गावस्कर की लोकप्रियता और चाहने वालों की संख्या उनके संन्यास लेने के बाद बढ़ी ही है.

गावस्कर जब ऊपर कमेंट्री बॉक्स के लिए लिफ्ट ले रहे थे तभी कुछ स्कूली बच्चों ने उन्हें ऑटोग्राफ़ और फ़ोटो खिचवाने के लिए घेर लिया.

गावस्कर ने बड़े प्यार से उनके साथ तस्वीरें खिचवाईं और फिर कहा कि मैदान पर चल रहे घमासान को देखो, मज़ा आएगा.

क्रिकेट ही सबकुछ

पैवेलियन के ठीक ऊपर वाले स्टैंड में मैं क़रीब तीन दिनों से एक शख़्स को हर वक्त तिरंगा लहराते और तिरंगे की ही पोशाक पहने देख रह था.

क्रिकेट के इस दीवाने को भारतीय टीम के कई खिलाड़ी अच्छी तरह पहचानते हैं

शनिवार की सुबह मीडिया बॉक्स को लांघता हुआ मैं भी उसके पास पहुँचा और उससे बात की.

पता चला की जनाब पिछले आठ बरसों से भारत में होने वाले ज़्यादातर मैंचों में मौजूद रहते हैं और भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ने की कोशिश करते हैं.

राहुल पालेम नाम के ये क्रिकेट के दीवाने एक कम्प्यूटर कंपनी में सलाहाकार हैं.

राहुल कहते हैं, "क्रिकेट मेरे लिए सब कुछ है. भारतीय टीम के सभी दिग्गज चाहे वो सचिन, सहवाग, कुंबले या फिर द्रविड़ हों, मुझे नाम से जानते हैं. ये खिलाड़ी मुझे स्टेडियम में आकर मैच देखने के पास भी दिलवाते हैं."

राहुल हमेशा अपने साथ एक फ़ोटो एल्बम भी रखते हैं जिसमे भारतीय क्रिकेट की तमाम नामचीन हस्तियों ने उनके कंधे पर हाथ रखकर फ़ोटो खिंचवाई है.

हालांकि राहुल को भारतीय क्रिकेट के नए उभरते हुए खिलाड़ियों जैसे वनडे टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी वगैरह से थोड़ा मलाल भी है.

उन्हीं के शब्दों में, "नए खिलाड़ियों में वो गर्मजोशी नहीं है जो सीनियर खिलाड़ियों में है. सचिन और सौरव जैसे महान खिलाड़ी भी अपने चाहने वालों से मिलते हैं, उनसे बात करते हैं, जबकि नए खिलाड़ी अपनी ही धुन में रहते हैं."

धुआँ-धुआँ

भारत में अब जब सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने की रोक लग ही गई है, तो यहाँ चिन्नास्वामी स्टेडियम में भी इस बात को अमल कराने में प्रशासन भरपूर कोशिश कर रहा है.

स्टेडियम में जगह जगह 'स्मोकिंग ज़ोन' बनाए गए हैं ताकि इस प्रतिबंध का उल्लंघन भी न हो सके और सिगरेट का कश लेने वाले पूरी तरह से निराश भी न हों.

वैसे 'प्रेस बॉक्स' के बाहर भी लिफ्ट की बगल में एक ऐसा ही 'स्मोकिंग ज़ोन' बना दिया गया है और देश-दुनिया के तमाम पत्रकार वहां लाइन लगाकर अपनी-अपनी तलब बुझा लेते हैं.

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+