बैंगलुरू। अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी और शांत स्वभाव की वजह से सचिन तेंदुलकर का विश्व क्रिकेट में सम्मान की नजर से देखा जाता है। लेकिन हाल ही में सचिन के खुलासे के बाद पूर्व भारतीय कोच ग्रेग चैपल भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े विलेन साबित हुए हैं। सचिन ने ग्रेग चैपल को रिंगमास्टर कहते हुए कहा है कि ग्रेग खिलाड़ियों पर अपनी मनमानी थोपते थे।
गौरतलब है कि सचिन ने अपनी आत्मकथा में ग्रेग चैपल पर जमकर निशाना साधा है। जिसके बाद ग्रेग चैपल ने सचिन के इस खुलासे का खंडन करते हुए कहा है कि सचिन के दावे झूठे हैं। वह सचिन पर या किसी भी खिलाड़ी पर अपनी राय थोपते नहीं थे।
वहीं सचिन के खुलासे के बाद एक के बाद एक शीर्ष खिलाड़ी सचिन के समर्थन में उतर आये हैं। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का कहना है कि चैपल मेरी कप्तानी की शिकायत मेरे पीछे दूसरे प्लेयर्स से मेरी कप्तानी की शिकायत करते थे जिसके बारे में मैंने सेलेक्टर्स को बता दिया था। जिसके चलते मुझे कप्तानी के पद से हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि ग्रेग सचिन को टीम से बाहर निकालना चाहते थे। यही नहीं ग्रेग ने मुझसे सचिन समेत लक्ष्मण, जहीर, हरभजन और सहवाग को भी टीम से हटाने के लिए कहा था। लेकिन मैने ऐसा करने से साफ मना कर दिया था।
वहीं जहीर खान ने भी सचिन का समर्थन करते हुए कहा है कि ग्रेग उनका कैरियर खत्म कर देना चाहते थे। जहीन ने कहा कि 2005-07 भारतीय क्रिकेट का सबसे खराब समय था जिस दौरान अगर चैपल की चलती तो मेरा करियर तबाह हो जाता, जबकि मेरे अंदर काफी क्रिकेट बाकी था। मैं आज भी खेल रहा हूं।
उधर ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी ग्रेग चैपल पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाडी इस आस्ट्रेलियाई को 'चुनिंदा गलत जानकारी' मुहैया कराते थे। चैपल ने भारतीय क्रिकेट को इस हद तक तक बर्बाद कर दिया था कि इसे वापस पटरी पर आने में कम से कम तीन साल लग गये।