
गरीबी और बेरोजगारी है बड़ी दिक्कत
अटकलें लगाई जा रहीं थी कि अफरीदी राजनीति की ओर कदम रख रहे हैं, लेकिन उन्होंने अब साफ कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं है बल्कि वह अपने फाउंडेशन के जरिए गरीबों की मदद करते हैं। कहा जा रहा है कि अफरीदी कोरोना के बीच लोगों से मिलते रहे जिस कारण वो महामारी का शिकार हुए। इसपर अफरीदी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ''कोरोना बहुत छोटी चीज है। यह खत्म तो हो जाएगा लेकिन हमारे देश में सबसे बड़ी दिक्कत गरीबी और बेरोजगारी है। कोरोना से हम निपट लेंगेष लेकिन, जरा सोचिए कि गरीबी और बेरोजगारी का क्या करेंगे। बड़े इलाकों में तो समझ दिखी। लेकिन, ज्यादातर लोगों और खासतौर पर गरीब बस्तियों में रहते हैं उन्हें कोरोना से जागरूक करना जरूरी था। मुझे लगता है कि हम जैसे लोग बहुत अच्छी जिंदगी गुजार रहे हैं।''

जहां मदद की वहां छुट्टियां मनाते थे मंत्री
अफरीदी ने यह तक भी कह डाला कि इमरान सरकार में एकता की कमी है। उन्होंने कहा, ''जिस समय मैं मैं देश के पिछड़े इलाकों में जाकर गरीबों की मदद कर रहा था, तब कुछ मंत्री और सांसद उसी इलाके में जाकर छुट्टियां मनाने में व्यस्त थे।'' बता दें कि पिछले साल तक अफरीदी अकसर इमरान के साथ नजर आते थे। लेकिन, अब ऐसा नहीं है। शाहिद अपने फाउंडेशन के जरिए गरीबों की मदद करते रहे हैं।

जानते थे कि संक्रमित हो सकता हूं
इस दिग्गज ने यह भी कहा कि उन्हें पता था कि वो संक्रमित हो सकते हैं। अफरीदी ने कहा, ''मुझे इस बात का अंदाजा था कि मैं भी संक्रमित हो सकता हूं और यही हुआ। लेकिन अब मैं बिल्कुल ठीक हूं। मैंने ज्यादा समय तक खुद को क्वारैंटाइन नहीं किया। तीन दिन बाद कमरे से बाहर आ गया। फिर ट्रेनिंग शुरू की। इस बीमारी में सोशल डिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है। लेकिन, इसको सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए। इसको लेकर लापरवाही बिल्कुल न करें। रही बात स्मार्ट लॉकडाउन की तो यह मेरी समझ में नहीं आया।''


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