
ऐसा लगा जैसे युद्ध के मैदान में जा रहा
गिल ने कहा कि जबतक हमारी फील्डिंग चल रही थी, मैं सामान्य था, लेकिन जब बल्लेबाजी की बारी आई और मैं ड्रेसिंग रूम से मैदान के भीतर पिच तक जा रहा था तो लोग ऑस्ट्रेलिया की टीम के लिए चीयर कर रहे थे, यह अलग तरह का अनुभव था। , मुझे ऐसा लगा जैसे मैं किसी युद्ध में जा रहा हूं। मैच शुरू होने से पहले टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री ने गिल को टीम इंडिया की टेस्ट कैप सौंपी थी।

पहले मैच के अनुभव को किया साझा
अपने अनुभव को साझा करते हुए गिल ने कहा कि यह अद्भुत एहसास था, ऐसा समय आपके जीवन में आता है जब आपके भीतर भावनाओं का समंदर उमड़ पड़ता है और आप सुन्न पड़ जाते हैं। यह उसी तरह का पल था मेरे लिए। रवि शास्त्री ने ने हडल में भाषण दिया और फिर मुझे टेस्ट कैप दी गई। इसे बाद हमने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। बता दें कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में गिल अभी तक कुछ खास नहीं कर सके हैं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर जबरदस्त पारी खेलकर उन्होंने साबित किया कि आखिर क्यों उन्हें बेहतरीन खिलाड़ी माना जाता है।

सुबह उठकर देखता था मैच
गिल ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहला टेस्ट मैच खेलना सपने के सच होने जैसा था। जब मैं बच्चा था तो सुबह 4:30-5 बजे उठकर मैच देखता था। लेकिन अब लोग मेरा गेम देखने के लिए जल्दी उठ रहे हैं, यह जबरदस्त एहसास है। मुझे अभी भी याद है कि मेरे पिता मुझे जल्दी जगाया करते थे ताकि मैं ऑस्ट्रेलिया सीरीज देख सकूं। ब्रेट ली को सचिन तेंदुलकर को गेंदबाजी करते देखना अलग ही अनुभव था और फिर अचानक से मैं उसी टीम से खेल रहा हूं और ऑस्ट्रेलिया मेरे सामने गेंदबाजी कर रहा है।

मैं इसे महसूस करना चाहता था
मुझे ऐसा लगा रहा था कि दुनिया मुझे देख रही है। मैं इस चुनौती का सामना करना चाहता था और हमेशा से ही ऑस्ट्रेलिया में खेलना चाहता था और महसूस करना चाहता था कि यह कैसा लगता है। गिल ने कहा कि हम 36 रन के स्कोर पर ऑलआउट हो गए, लेकिन बावजूद इसके ना तो कोई खिलाड़ी, कोच, सपोर्ट स्टाफ इससे हतोत्साहित हुआ। हमसे कोई सवाल जवाब नहीं किया गया। हमने बिना किसी दबाव के अगले मैच वापसी की।


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