
अभी भी बना सकता हूं रन
गांगुली ने बंगाली न्यूज पेपर 'संबाद प्रतिदिन' के साथ बात करते हुए कहा, 'अगर मुझे दो और वनडे अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलने को मिलती, तो मैं और रन बना सकता था। अगर मैं नागपुर टेस्ट में रिटायर नहीं होता तो मैं आगे की दो टेस्ट सीरीज में भी भी रन बनाने में सफल होता। सिर्फ यह बात नहीं, मुझे छह महीने ट्रेनिंग के दीजिए और तीन रणजी मैच खेलने दीजिए, मैं टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए रन बना लूंगा। हां, मुझे छह महीने भी नहीं चाहिए, बेशक तीन महीने दीजिए। इसके बावजूद भी मैं रन बना लूंगा।'

वनडे टीम से अचानक बाहर होने पर हुए हैरान
इसके अलावा गांगुली ने कहा, 'भले ही आप मुझे खेलने का माैका ना दीजिए लेकिन आप मेरे अंदर से वो विश्वास कैसे तोड़ेंगे कि मैं खेल सकता हूं?' बता दें कि 2007-08 सीजन में गांगुली को अचानक से वनडे टीम से बाहर कर दिया गया था। उन्होंने इस समय को याद करते हुए कहा, 'यह अविश्वसनीय था, कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वालों की लिस्ट में शामिल होने के बावजूद मुझे वनडे इंटरनैशनल टीम से ड्रॉप कर दिया गया था। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कितना अच्छा खेलते हैं, लेकिन अगर आप से मंच ही छीन लिया जाए, तो आप साबिक कैसे करेंगे और किसको साबिक करेंगे? ऐसा ही कुछ मेरे साथ हुआ था।'

गांगुली का करियर
बता दें कि गांगुली ने 113 टेस्ट मैचों में 16 शतक और 42.17 की औसत के साथ कुल 7212 रन बनाए हैं। वहीं वनडे में उन्होंने 311 मैचों में 41.02 की औसत से 11,363 रन बनाए हैं, जिसमें 22 शतक शामिल रहे। गांगुली ने अपने करियर में एक भी टी20 इंटरनैशनल मैच नहीं खेला। गांगुली की गिनती महान कप्तानों में की जाती है जिन्हें भारतीय टीम को बाहरी पिचों पर जीतना सिखाया।


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