
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज कगीसो रबाडा को बड़ा झटका लगा है। रबाडा को भारत के खिलाफ पोर्टपोर्ट एलिजाबेथ में पांचवे वनडे के दौरान आईसीसी की आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में दोषी पाया गया है। जिसके एवज उनकी 15 फीसद मैच फीस काटी गई है और उन्हें एक डीमेरिट पॉइंट भी दिया गया है।
बता दें कि इस नंबर एक गेंदबाज के अब 5 डीमेरिट पॉइंट हो गए हैं। रबाडा को 8 फरवरी 2017 को एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में श्रीलंका के खिलाफ तीन डीमेरिट पॉइंट मिले थे और 7 जुलाई 2017 को इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान एक डीमेरिट पॉइंट मिला था। बाद में इंग्लैंड के खिलाफ रबाडा को ट्रेंट ब्रिज टेस्ट से निलंबित कर दिया गया था।
अगर अब राबाडा 24 महीने के भीतर आठ या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट्स पार कर जाते हैं तो उन्हें दो टेस्ट, या एक टेस्ट और दो वनडे/टी-20, या चार वनडे/टी-20 (जो भी खिलाड़ी के लिए पहले आए) से निलंबित कर दिया जाएगा।
दरअसल मंगलवार को पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के लिए ओपनर बल्लेबाज शिखर धवन ने 23 गेंदों में 34 रनों की पारी खेलकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई। हालांकि, वह तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा की गेंद पर बड़े शॉट्स लगाने के चक्कर में आउट हो गए।
आउट होने के बाद जब शिखर धवन पवेलियन की तरफ जा रहे थे तो रबाडा ने उन्हें भद्दा इशारा किया। दरअसल इससे पहले रबाडा के शुरुआती ओवर में धवन ने उनकी काफी धुनाई की थी। जिसके बाद धवन का विकेट मिलने के बाद रबाडा बेहद उत्साहित नजर आए और जब धवन आउट होकर पवेलियन लौट रहे थे तो उन्होंने हाथ के इशारे से धवन को पवेलियन जाने के लिए कहा।
Rabada Said Bye Bye Dhawan pic.twitter.com/ONec5rg6zw
— Prem Malhotra (@imPrem001) February 13, 2018
जिसके बाद ऑन फील्ड अंपायर इयान गोल्ड और शॉन जॉर्ज, थर्ड अंपायर अलीम दार और चौथे अंपायर बोंगानी जेले ने रबाडा पर आईसीसी आचार संहिता के नियम 2.1.7 के लेवल एक के उल्लंघन का आरोप लगाया है जो अंतर्राष्ट्रीय मैच के दौरान ऐसी भाषा या इशारे के इस्तेमाल से संबंधित है जिससे आउट होने वाला बल्लेबाज अपमानित महसूस करे या जिसके कारण उसे आक्रामक प्रतिक्रिया देने के लिए उकसाया जाए।
हालांकि मैच के बाद रबादा ने अपराध का मान लिया है और आईसीसी मैच रेफरियों के अमीरात एलीट पैनल के एंडी पायक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित स्वीकृति को स्वीकार कर लिया जिसके बाद औपचारिक सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं थी।