इससे पहले भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में पांच विकेट के नुकसान पर 186 रन बनाए। आखिरी के पांच ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों में 75 रन बनाए।
सुरेश रैना ने शानदार शतक जमाया। वह 60 गेंद पर 101 रन बनाकर आउट हुए। इस धुआंधार पारी में रैना ने नौ चौके और पांच छक्के जमाए। मैच के आखिरी ओवर में मोर्कल की गेंद पर अब्राहम डिविलियर्स ने रैना का कैच पकड़ा।
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारत ने सलामी बल्लेबाज मुरली कार्तिक (0) के रूप में अपना पहला विकेट गंवाया। यह विकेट रोरी क्लीनवेल्डट के खाते में गया। उस समय भारत का कुल योग चार रन था। मुरली मैच की दूसरी गेंद पर विदा हुए। मुरली का कैच विकेट के पीछे मार्क बाउचर ने लपका।
इसके बाद दूसरे विकेट के रूप में विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक पेवेलियन लौटे। कार्तिक ने 17 गेंदों का सामना करते हुए 16 रन बनाए। उनका विकेट जैक्स कैलिस ने लिया। यह विकेट 32 के कुल योग पर गिरा।
इसके बाद रैना और युवराज ने पारी को संभाला और 15 ओवर की समाप्ति तक टीम का स्कोर 111 रन तक पहुंचाया।
भारत का तीसरा विकेट युवराज सिंह के रूप में मैच के 16वें ओवर में गिरा। युवराज ने 30 गेंद पर 37 रन बनाए जिसमें दो छक्के और तीन चौके शामिल हैं। कप्तान स्मिथ ने क्लीनवेल्डट की गेंद पर युवराज का कैच लपका।
मैच के 19वें ओवर में यूसुफ पठान सात गेंद पर 11 रन बनाकर डेल स्टेन की गेंद पर आउट हुए। कप्तान धौनी 16 रन और हरभजन सिंह शून्य रन बनाकर नाबाद लौटे।
दक्षिण अफ्रीका की तरफ से क्लीनवेल्डट ने दो और स्टेन, मोर्कल व कैलिस ने एक-एक विकेट लिए।
वर्ष 2007 में खिताब जीतने वाली भारतीय टीम का यह दूसरा मुकाबला है जबकि दक्षिण अफ्रीकी टीम इस विश्व कप में अपने अभियान का आगाज करेगी। भारत ने अपने पहले मुकाबले में शनिवार को अफगानिस्तान को सात विकेट से हराया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।