दिल्ली हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी मुरूगेसन और न्यायमूर्ति राजीव एंडलॉ की खंडपीठ ने इस याचिका को खारिज कर दिया है।
सरकार द्वारा दाखिल इस हलफनामें में कहा गया है कि सचिन का नामांकन संविधान के प्रावधानों के अनुसार ही किया गया है। संविधान के अनुसार सिर्फ चार श्रेणियों साहित्य, विज्ञान, कला व सामाजिक सेवा में ही नहीं बल्कि इसमें खेल, शिक्षा, कानून, इतिहास, अकादमिक उपलब्धियों, अर्थशास्त्र, पत्रकारिता, संसदीय प्रक्रिया, लोक प्रशासन, कृषि, मानव उद्यम या खेल (कुश्ती) को भी शामिल किया गया है।
इन बताये गये सभी क्षेत्रों में से किसी में भी अगर व्यक्ति को विशेष ज्ञान या व्यावहारिक अनुभव है तो उसका राज्यसभा में नामांकन हो सकता है।