बैंगलोर। चैम्पियंस ट्रॉफी खत्म हो चुकी है और वेस्टइंडीज में त्रिकोणीय क्रिकेट सीरीज का प्रारम्भ हो चुका है लेकिन अभी तक टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने रति स्पोर्ट्स में अपनी भागीदारी को लेकर कोई भी जवाब नहीं दिया है। पहले उम्मीद की जा रही थी कि इंग्लैंड से वापस आने के बाद बीसीसीआई उनसे इस संबंध में पूछताछ करेंगा, लेकिन लगता है कि चैम्पियंस ट्रॉफी में जीत ने विवादों पर पर्दा डाल दिया है।
गौरतलब है कि इकोनॉमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक रति स्पोर्ट्स में धोनी के 15 फीसदी शेयर हैं, यह कंपनी सुरेश रैना, रवींद्र जडेजा, प्रज्ञान ओझा और आर पी सिंह का बिजनेस भी देखती है। यह कंपनी धोनी के करीबी दोस्त अरूण पांडेय की है। ऐसे में इकॉनॉमिक टाइम्स ने सवाल उठाये थे कि कंपनी में लाभ के शेयर रखने वाले धोनी को टीम इंडिया के टेस्ट और वनडे में कप्तान होकर क्या टीम चयन में अपने सुझाव देने का हक हैं।
इस मामले पर धोनी की चुप्पी से भी उन पर सवाल उठते हैं। इसके अलावा आईपीएल की चेन्नई टीम के कप्तान धोनी, बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन की कंपनी इंडिया सीमेंट्स के 'वाइस प्रेसीडेंट' भी हैं।
यह भी बताया जाता है कि इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में लगातार आठ टेस्ट मैचों में हार का सामना करने के बाद धोनी को टेस्ट की कप्तानी से हटाने की बात की जा रही थी लेकिन श्रीनिवासन ने ही उन्हें बचाने के लिए वीटो पावर का इस्तेमाल किया था। मीडिया में आ रही रिपोर्ट के मुताबिक धोनी से इस संबंध में पूछताछ पर जब उनसे सवाल करने के लिए क्वेश्नायर भेजा गया तो उन्होने उसका जवाब देने से मना कर दिया।