इसके अलावा आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के कारण नैतिक आधार पर बीसीसीआई के सचिव पद से इस्तीफा देने वाले संजय जगदाले ने कहा है कि टीम के मालिकों का सट्टेबाजी में शामिल होना क्रिकेट प्रशंसकों के विश्वास को खत्म करता है। यह नैतिक आधार पर एकदम गलत हैं कि आप टीम के मालिक होने पर ऐसा करते हैं। उनसे जब पूछा गया कि क्या सट्टेबाजी के आरोप साबित होने पर राजस्थान टीम को आईपीएल में क्या बैन कर दिया जाना चाहिए? इस पर उन्होने कहा कि यह फैसला तो बोर्ड को करना होगा।
जगदाले ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से खेल अपनी लोकप्रियता खो देता है। ये सभी घटनाएं आश्चर्यचकित करने वाली हैं। उन्होने बोर्ड को भी यह सलाह दी है कि इन हाल की घटनाओं से बोर्ड को सीखना चाहिए और खेल को साफ सुथरा करने के प्रयास करने चाहिए। यह पूरे क्रिकेट प्रशासन की जिम्मेदारी है, बोर्ड के किसी एक व्यक्ति से इसकी जांच नहीं करवाई जानी चाहिए।