बैंगलोर। अपने करियर में हमेशा ही विवादों से दूर रहने वाले टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल मामले में बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं, उन्होने कहा कि क्रिकेटर या बोर्ड के पदाधिकारी आज जो भी हैं। उसके पीछे क्रिकेट प्रशंसक ही हैं, अत: स्पॉट फिक्सिंग मामले पर सही निर्णय लिया जाना चाहिए, जिससे कि खेल की विश्वसनीयता बरकरार रहे।
गौरतलब है कि स्पॉट फिक्सिंग मामले में बोर्ड ने अब तक किसी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है। मामले की जांच के लिए बोर्ड ने दो सदस्यीय पैनल का गठन किया था जिसकी रिपोर्ट में सट्टेबाजी में लिप्त रहे राज कुंद्रा और गुरूनाथ मयप्पन को निर्दोष बताया गया था, जिसके बाद बांबे हाईकोर्ट ने जांच समिति को ही खारिज कर दिया था।
वहीं बीसीसीआई की होने वाली बैठक में एन श्रीनिवासन अध्यक्षता करने वाले थे लेकिन किन्हीं कारणों से बैठक को रद्द कर दिया गया। दो माह से ज्यादा का वक्त निकल जाने के बाद भी अब तक मामले में कोई नतीजा नहीं निकला, वहीं बोर्ड का टालमटोल जारी है। स्पॉट फिक्सिंग मामला उस समय प्रकाश में आया जब दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत, अजित चंडीला और अंकित चौहान को उनके होटल से गिरफ्तार कर लिया गया। यह तीनों ही खिलाड़ी राजस्थान रॉयल्स टीम की तरफ से आईपीएल में खेल रहे थे। राजस्थान रॉयल्स टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ ही थे। जिनसे दिल्ली पुलिस ने पिछले दिनों उनके घर जाकर इस संबंध में पूछताछ की थी।
द्रविड़ के इस मामले पर बयान देने से एक बार फिर मामला सुर्खियों में आ गया है। हालांकि अभी तक बोर्ड के किसी भी पदाधिकारी ने इस पर कुछ नहीं कहा है।