For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

क्‍या गॉर्ड ऑफ ऑनर के भी हकदार नहीं सचिन तेंदुलकर?

नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। क्रिकेट जगत के भगवान और टीम इंडिया के एक और धुरंधर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का बिना मैदान पर उतरे विकेट उखड़ गया। जी हां सचिन तेंदुलकर क्रिकेट की रंगीन जर्सी (वनडे मैच) को हमेशा के लिये अलविदा कह दिया है। चौकाने वाली बात यह है कि सचिन ने बिना बताये सीरीज से ठीक पहले संन्‍यास की घोषणा कर दी। हालांकि यह कहा जा रहा है कि सचिन टेस्‍ट मैच की अंतिम पारी बता कर खेलेंगे। मगर सोचने वाली बात यह है कि ऐसी क्‍या मुसीबत आन पड़ी है कि सीनियर खिलाडि़यों को सीरीज से पहले संन्‍यास की घोषणा करनी पड़ रही है।

साल की शुरुआत में राहुल द्रविड़ फिर वीवीएस लक्ष्‍मण और अब सचिन तेंदुलकर ने संन्‍यास लिया है। इन तीनों खिलाडियों ने अपना घोषित अंतिम मैच खेले बिना ही संन्‍यास लिया। क्‍या इन महान खिलाडि़यों को मैदान पर संन्‍यास लेने का हक नहीं था? क्या सचिन किसी सीरीज में खेलते हुए संन्यास की घोषणा नहीं कर सकते थे? सबसे बड़ा सवाल यह कि क्‍या मैदान में गॉड ऑफ ऑनर के भी हकदार नहीं थे सचिन तेंदुलकर? ऐसे कई सवाल हैं जो सचिन के वनडे से संन्यास के बाद सामने खड़े हो गए हैं।

आपको बताते चलें कि सचिन तेंदुलकर ने अपनी आखिरी वनडे पारी 18 मार्च 2012 को पाकिस्‍तान के खिलाफ खेली और उसके लगभग 9 महीने बाद सचिन ने वनडे को अलविदा कह दिया। सचिन के इस घोषणा के बाद से अब यह सवाल उठने लगा है कि क्‍या टीम में बढ़ती राजनीति के चलते सीनियर खिलाडि़यों पर संन्‍यास लेने का दबाव डाला जा रहा है।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+