नयी दिल्ली (ब्यूरो)। आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) का अबतक का जो इतिहास रहा है उसपर नजर डालें तो इसे इंडियन 'पाप' लीग कहना गलत नहीं होगा। इस फटाफट फॉरमेट ने सभ्य लोगों का खेल कहे जाने वाले क्रिकेट को कई बार कलंकित किया है। इतिहास की बात को किनारे करते हुए मौजूदा हालात की बात करें तो यह साबित हो गया है कि खेल में ड्रग्स और सेक्स का मेल इसे किस तरह कलंकित कर चुका है। हर तरफ मांग उठ रही है कि आईपीएल को बंद कर देना चाहिए। खैर ये चर्चा का विषय है मगर हालफिलहाल जो स्पॉट फिक्सिंग में अय्याशी के लिये कॉलगर्ल्स सप्लाई करने का मामला सामने आया है उसपर चर्चा करते हैं।
खेल में ड्रग्स और सेक्स के कॉकटेल का खुलासा दिल्ली पुलिस ने मात्र एक दिन में नहीं किया बल्कि इसकी नींव उस वक्त ही पड़ गई थी जब पिछले साल श्रीलंका के एक फाइव स्टार होटल में हुई पार्टी की जानकारी पुलिस को मिली थी। श्रीलंका के कोलंबो के 5स्टार होटल में हुई उस पार्टी का आयोजन बुकीज ने किया था जिसमें दिल्ली से ड्रग्स और हाई प्रोफाइल कॉलगर्ल्स की सप्लाई की गई थी। उसके बाद से पुलिस आईपीएल पर नजर गड़ाए हुई थी।
कॉलगर्ल्स कैसे पहुंचती है क्रिकेटर्स तक
कोलंबो के फाइव स्टार होटल ताज समुद्र को 31 मार्च से लेकर 4 अप्रैल 2012 तक के लिये बुक कर दिया गया था। इस दौरान इस होटल में आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी स्पॉट फिक्सिंग होने वाली थी। इस पार्टी में इंटरनेशनल स्तर के 170 सट्टेबाज, 40 से भी अधिक खिलाड़ी और लगभग 300 हाईप्रोफाइल कॉलगर्ल्स को इकट्ठा होना था।
क्रिकेटर्स के मनपंसद लड़की को उनके पास तक पहुंचाने के लिये एक नया तरीका निकाला गया था। कॉलगर्ल्स फैंस के तौर पर क्रिकेटर के पास जाती और जिस लड़की पर प्लेयर का दिल आ जाता वो उसे ऑटोग्राफ दे देता। ऑटोग्राफ के बाद वो लड़की खिलाड़ी के कमरे में भेज दी जाती मगर दिल्ली से उड़ान भरने से ठीक 3 घंटे पहले पुलिस ने कॉल गर्ल्स को लेकर जा रही विमल मारवाह और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
उसके बाद श्रीलंका जाने वाले 170 लोगों की लिस्ट पुलिस ने आईसीसी की एंटी करप्शन यूनिट को सौंप दी। लड़कियों को ले जाने वाली विमल मारवाह से ये जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को आईपीएल मैचों में होने वाली स्पॉट पिक्सिंग पर नजर रखने का काम सौंपा गया। बस पुलिस ने इस आइपीएल में पूरी तरह जाल बिछा लिया।
आईपीएल 6 का हर मैच देखने सादे कपड़ों में स्टेडियम जाती थी दिल्ली पुलिस
इस साल आईपीएल शुरु होने से पहले ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपना जाल बिछा दिया था। पुलिस ने संदिग्ध बुकीज की एक लिस्ट बनाई और उनका फोन सर्विलांस लगा दिया। पुलिस के मुताबिक सौ घंटे से भी अधिक वक्त का फोन टैप करने के बाद पुलिस ने कुछ खास बुकीज पर नजरें गड़ा दीं। पुलिस के निशाने पर क्रिकेटर के श्रीशांत के दोस्त जीजू जनार्दन और मनन थे। खास बात ये है कि जीजू जनार्दन श्रीशांत के साथ एक ही क्लब में क्रिकेट खेलता था और स्पॉट फिक्सिंग की दुनिया में उसे बीजू के नाम से जाना जाता है।
फोन टैपिंग के बाद सारा मामला साफ हो गया और गुरुवार को पुलिस ने इस पूरे मामले में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए तीन खिलाडि़यों और 11 बुकीज को गिरफ्तार कर लिया। उल्लेखनीय है कि गुरुवार की देर रात लगभग 2 बजकर 30 मिनट पर दिल्ली पुलिस ने मुंबई से राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाडि़यों और 7 बड़े सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया था। जिन खिलाडि़यों की गिरफ्तारी हुई है उनमें टीम इंडिया के तेज गेंदबाज और केरल एक्सप्रेस के नाम से प्रसिद्ध एस श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजित चंदीला शामिल हैं। दिल्ली पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और उम्मीद है कि इस संबंध में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।