For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

कान में फुसफुसाने वाले इस बल्लेबाज के ऊपर क्यों रखा बेटे का नाम, गावस्कर ने किया खुलासा

नई दिल्ली: भारतीय मूल के क्रिकेटर रोहन कन्हाई ने अपने 17 साल के करियर के दौरान वेस्टइंडीज के लिए 79 टेस्ट और 7 वनडे मैच खेले। उन्हें अभी भी महान खिलाड़ियों में से एक माना जाता है। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 15 शतक और 28 अर्धशतक बनाकर 6227 रन बनाए। रोहन अपनी बल्लेबाजी के अलावा, भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर के लिए भी एक प्रेरणा थे और गावस्कर ने उनकी बहुत प्रशंसा की है।

रोहन कन्हाई के ऊपर रखा है बेटे का नाम-

रोहन कन्हाई के ऊपर रखा है बेटे का नाम-

इसके अलावा, गावस्कर ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने कन्हाई से प्रेरित होकर अपने बेटे का नाम रोहन रखा। उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ने 100 के स्कोर पर बल्लेबाजी करते समय चुपके से उनको प्रेरित किया था। उन्होंने इस दौरान अफ्रीकी मूल और भारतीय मूल के वेस्टइंडीज लोगों के भीतर नस्लीय मुद्दों पर भी रोशनी डाली।

सीधे वसीम अकरम से हुई थी इस भारतीय तेज गेंदबाज की तुलना: सुरेश रैना

"उनकी बल्लेबाजी के अलावा, (मैं रोहन कन्हाई का इतना सम्मान क्यों करता था) इसकी वजह यह थी कि उन्होंने मुझे चुपके से प्रोत्साहित किया था। त्रिनिदाद, गुयाना में अफ्रीकी मूल के लोगों और भारतीय मूल के लोगों के बीच हमेशा मुद्दा रहा है। मैदान से बाहर, वह (कन्हाई) उन सबसे अच्छे लोगों में से एक था जिनसे मैं कभी मिला था। सुनील गावस्कर ने गौरव कपूर के साथ 22 यार्न के हालिया एपिसोड में रोहन कन्हाई के नाम पर अपने बेटे का नाम रखने के बारे में बताया।

कन्हाई चुपके से आकर उनके कान में फुसफुसाते थे-

कन्हाई चुपके से आकर उनके कान में फुसफुसाते थे-

सुनील गावस्कर ने खुलासा किया कि कन्हाई बल्लेबाजी करते समय उनके कानों में फुसफुसाते थे। सुनील गावस्कर ने 1971 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपनी पहली श्रृंखला की याद ताजा की जब रोहन कन्हाई उनके कानों में फुसफुसाते हुए पूछते थे कि क्या वह शतक नहीं बनाना चाहते हैं? ऐसा वह तब करते थे जब गावस्कर कोई खराब शॉट लगाते थे। दिलचस्प बात यह है कि गावस्कर ने तीन शतक और श्रृंखला में दोहरा शतक जमाया, और भारत ने पहली बार कैरिबियाई टीम को हराकर 1-0 से मुकाबला जीता।

विपक्षी होकर भी गावस्कर की मदद करते थे रोहन-

विपक्षी होकर भी गावस्कर की मदद करते थे रोहन-

"मेरी डेब्यू श्रृंखला में, अगर मैं कोई खराब शॉट खेलता तो स्लिप में खड़े कन्हाई मेरे कान में फुसफुसाते, तब वह यह ध्यान रखते थे कि विकेटकीपर उनकी बात सुन ना ले, वह मेरे कान में फुसफुसाते- ध्यान लगाओ! क्या आप 100 नहीं चाहते हैं? आपका क्या मामला है? वह विपक्षी टीम में थे, वह मेरे पीछे नहीं पड़े थे, वह वास्तव में मुझे 100 का स्कोर प्राप्त करते देखना चाहते हैं। अविश्वसनीय! " 70-वर्षीय ने आगे कहा।

Story first published: Sunday, June 7, 2020, 15:00 [IST]
Other articles published on Jun 7, 2020
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+