नई दिल्ली। आइपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई से सख्त लहजे में पूछा है कि क्यों न चेन्नई सुपर किंग्स की फ्रैंचाइजी को रद्द क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने सवाल किया कि आखिर क्या कारण है कि बीसीसीआई सीएसके की फ्रेंचाइजी रद्द नहीं कर रही है।
गौरतलब है कि एन श्रीनिवासन ने कोर्ट को बताया था कि वह इंडिया सीमेंट में काम नहीं करते हैं ना ही उनका उनका सीएसके से कोई लेना देना है। लेकिन बीसीसीआई ने अपनी रिपोर्ट में कोर्ट से कहा है कि वो टीम के साथ थे और उनको कार्ड भी जारी किया गया था।
कोर्ट ने पूछा कि आखिर इंडिया सीमेंट ने सीएसके में 400 करोड़ के निवेश का फैसला किसने लिया था। कोर्ट ने यह भी पूछा कि बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में कौन-कौन शामिल हैं। कोर्ट को बताया गया कि श्रीनिवासन और उनकी बेटी बोर्ड में हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि उन्हें बताया जाए कि मालिक कौन है। कोर्ट ने आशंका जताई कि ऐसा संभव हो कि कागज पर कोई और मालिक हो और नियंत्रित कोई और कर रहा हो। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इंडिया सीमेंट कंपनी का रिकॉर्ड भी मांगा है।
गौरतलब है कि बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्वासित चल रहे अध्यक्ष एन श्रीनिवासन द्वारा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में फ्रेंचाइजी के मालिकाना हक को लेकर हितों के टकराव पर जवाब मांगा था।