
इस कारण सुशांत के लिये रील लाइफ में धोनी बनना रहा आसान
इसका मुख्य कारण था कि सुशांत बचपन से ही एक क्रिकेटर बननाा चाहते थे और भारतीय टीम के लिये खेलने का सपना रखते थे।
सुशांत ने क्रिकेट को अपनी जिंदगी मानते हुए कई सालों तक क्रिकेट भी खेला और ट्रेनिंग भी की। वह नेशनल लेवल के क्रिकेटर भी थे हालांकि वह अपने सपने को बतौर करियर आगे लेकर न चल सके, जिसके चलते वह क्रिकेटर के बजाय एक्टर बन गये नहीं तो शायद आज वह भी भारतीय टीम का हिस्सा बन सकते थे।

इस वजह से छोड़ा क्रिकेट
सुशांत ने इस बात का खुलासा साल 2016 में डेक्कन क्रॉनिकल को दिये अपने इंटरव्यू में किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि वह भारतीय टीम के लिये खेलना चाहते थे लेकिन घर में सबसे छोटा होने और इकलौता बेटा होने के नाते वह रिस्क नहीं ले सकते थे और इसीलिये उन्हें क्रिकेट छोड़ना पड़ा।
उन्होंने कहा,' 4 बहनों के बीच मैं इकलौता भाई था और घर में सबसे छोटा भी था। मेरी बहन मीतु एक स्टेट लेवल क्रिकेटर है जबकि मैंने भी काफी कम उम्र में बैट पकड़ लिया था। मैंने जूनियर लेवल पर राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट खेला था। जब मैं 8वीं क्लास में था तब मैंने क्रिकेट को बतौर करियर अपनाने के बारे में सोचा था लेकिन परिवार के दबाव के चलते नहीं कर सका। मेरी एकेडमी को मुझसे करने को उम्मीद थी लेकिन मुझे क्रिकेट बतौर करियर चुनना थोड़ा जोखिम भरा लगा। मुझे परिवार की उम्मीदों पर खरा उतरना था लेकिन मैं शायद खुद को उस स्तर का नहीं समझ रहा था।'

धोनी के बड़े फैन थे सुशांत
सुशांत ने आगे बताया था कि यही वो पल था जब उन्होंने क्रिकेट को छोड़कर इंजीनियरिंग को अपनाया। हालांकि बाद में वह एक्टिंग में उतर गये।
इस दौरान सुशांत का क्रिकेट को लेकर प्यार कभी भी कम नहीं हुआ। वह धोनी के बहुत बड़े फैन रहे और करीब 10 सालों से उनके खेल को फॉलो कर रहे थे। क्रिकेट के प्रति उनके जुनून और पुराने दिनों की ट्रेनिंग ने सुशांत के लिये धोनी के किरदार को पर्दे पर जीवंत करने में काफी मदद की।


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