
पिछली 14 पारियों में माही का कमाल
इन सभी नामों के बीच हार्दिक पांड्या ने पिछले चैंपियंस ट्रॉफी के बाद नंबर 7 पर एक ऑल राउंडर की भूमिका में अपनी जबर छाप छोड़ी है। टीम इंडिया का एक खिलाड़ी ऐसा भी है जिसने अपनी कप्तानी में ICC की तीनों बड़ी ट्रॉफियां जिताया है, लेकिन कुछ दिनों पहले कुछ स्वघोषित क्रिकेट पंडित इस शख्सियत के टीम में भविष्य पर सवाल खड़े करने लग थे। टीम इंडिया के प्रमुख चयनकर्ता एम.एस.के प्रसाद भी उनमें से एक हैं। कुल जमा 6 टेस्ट और 17 ODI खेलने वाले इस चयनकर्ता ने जब धोनी के करियर पर बड़बोले बयान से सुर्खियां बटोरी तो ऐसा लगा कि माही ने भी जैसे कसम खा लिया हो कि मैं तो 2019 क्या 2023 का भी विश्व कप खेलूंगा और पिछले 14 पारियों में उन्होंने हर बार मैदान पर यह साबित कर दिया।

'माही 2023 विश्व कप भी खेल सकता है'
इस साल धोनी ने जनवरी में ODI और टी-20 की कप्तानी छोड़ दी। उनके इस फैसले से क्रिकेट जगत में भूचाल सा आ गया और उन्होंने खुद को चुनौतियों के आगे रख दिया। युवराज के फिटनेस पर सवाल उठने लगे तो माही भी चयनकर्ता के रडार पर थे और अब उन्हें टीम में एक खिलाड़ी के रूप में अपनी भूमिका साबित करनी थी जो पिछले आठ महीने में एक कप्तान नहीं बल्कि एक खिलाड़ी के रूप में किया। आइए एक नजर विराट के 'कैप्टन कूल' के उन आंकड़ों पर जो यह साबित करते हैं कि माइकल क्लार्क की मानें तो 'माही 2023 विश्व कप भी खेल सकता है'।

कप्तानी छोड़ने के बाद खेल में निखार
कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी ने 14 एक दिवसीय मुकाबले खेले हैं। इन मुकाबलों में उन्होंने 89.57 की औसत और 85.65 के स्ट्राइक रेट से कुल 627 रन बनाए हैं। इसी दौरान भारतीय दौरे पर आई इंग्लैंड क टीम के खिलाफ (तीन मैचों की सीरीज) कटक के मुकाबले में धोनी ने एक शानदार शतक (134 रन) भी जड़ा है।
इस शतक को छोड़कर माही ने 5 अर्धशतक भी लगाया है जो उन्हें बतौर खिलाड़ी एक बार फिर से शानदार फिनिशर के रूप में उभार दिया है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले एकदिवसीय में बनाई साझेदारी हो या फिर भुवनेश्वर के साथ हाल में श्रीलंका के खिलाफ की हुई शतकीय साझेदारी हो। उन्होंने हाल में एक बारे फिर यह साबित किया कि उन पर सवालिया निशान लगाने वाले को पहले खुद से एक सवाल पूछना चाहिए कि वो किस पर सवाल उठा रहे हैं।

चेन्नई से खास रिश्ता
पहले ODI मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने 'सकेंड होम' चेन्नई में जब केदार जाधव को धोनी से पहले भेजा गया तो दर्शकों ने हूटिंग कर दी। जैसे ही धोनी ने दो साल बाद चेपॉक स्टेडियम में अपने चिरपरिचित अंदाज में बाएं कांख के नीचे बल्ले को दबाए प्रवेश किया उनके फैंस ने खड़े होकर तालियों से अभिनंदन किया। BCCI की कमेंट्री पैनल में वापसी कर रहे क्रिकेट विश्लेषक और कमेंटेटर हर्षा भोगले ने लिखा "एक आदमी और एक गोद लिए शहर के बीच क्या शानदार रिश्ता है एमएस धोनी और चेन्नई" यह शब्द ही धोनी के प्रति लोगों के प्रति दीवानगी को जाहिर करता है।

शतकों का अर्धशतक
जब आधी टीम इंडिया 22वें ओवर में कंगारुओं के खिलाफ पवेलियन लौट चुकी थी तब धोनी ने पांड्या के साथ मिलकर 118 रनों की साझेदारी की और टीम को एक विनिंग टोटल तक पहुंचाया। धोनी ने पहले 40 गेंदों में एक भी चौका या छक्का नहीं जड़ा था लेकिन बाद के 38 गेंदों में 4 शानदार चौके और 2 गगनचुंबी छक्के भी जड़े। अपने शानदार फॉर्म से गुजर रहे माही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 अर्धशतक लगाने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। धोनी ने चेपॉक वनडे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने करियर का 66वां अर्धशतक जड़ा था। टेस्ट में उनके नाम 33 और टी-20 में एक अर्धशतक है। वह सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली के बाद ये उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के चौथे और दुनिया के 14वें बल्लेबाज हैं।

कीपिंग में भी माही का कमाल
धोनी ने हाल के दिनों में आलोचनाओं के बाद सिर्फ अपने बल्ले और चुस्त विकेट कीपिंग से आलोचकों को जवाब दिया है। वो विंडीज दौरे पर एक बार नहीं बल्कि दो बार जेसन हॉल्डर की गिल्लियां बिखेड़नी हो या फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विकेट कीपर मैथ्यू वेड को स्टंप करना। श्रीलंका के खिलाफ भी उन्होंने दिखाया कि आखिर उन्हें दुनिया का बेस्ट फिनिशर क्यों माना जाता है जब उन्होंने भुवनेश्वर कुमार के साथ मिलकर शतकीय साझेदारी की और131/7 पर संघर्ष कर रही टीम को जीत दिलाया। कोहली ने तो ऑस्ट्रेलिया खिलाफ हाफ ODI और हाफ टी-20 मुकाबले में मिली जीत के बाद 'अपने कप्तान' की जमकर प्रशंसा की। अभी भी मैदान में फील्डिंग सजाना हो या किसी भी गेंदबाज को सलाह देना हो माही की आवाज अक्सर स्टंप माइक से सुनाई देती है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में घरेलू मैदान पर पहला ODI खेल रहे कुलदीप यादव को वार्नर को आउट करने के लिए स्टंप की लाइन की जगह 'इसको घुमाने वाला डाल" कहकर गेंदबाजी करवाई और उन्हें सफलता मिली। ऐसा ही उन्होंने चहल को भी कहा " तू भी नहीं सुनता है क्या, ऐसा-ऐसा इसको डाल". माही विकेट की पीछे एक खजाना हैं और उनके 302 मैचों का अनुभव किसी भी टीम पर भारी पड़ सकता है।

माही की जगह नहीं दिखता कोई
धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ सीरीज के अंतिम वनडे में अकीला धनंजय को स्टम्पिंग करने के बाद अपनी 100 स्टंपिग पूरी की और ऐसा करने वाले वो विश्व के पहले विकेटकीपर बन गए। टीम इंडिया के पास बेंच पर अभी कोई शायद ही ऐसा विकेटकीपर-बल्लेबाज-कप्तान है जो अपनी टीम को किसी भी परिस्थिति में मैच जितवा सकता है। बेहतर होगा टीम 2019 में 'माही वे' की तर्ज पर विश्व कप भी जीते।


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