नई दिल्ली। इंग्लैंड के दौरे पर रवाना होने से पहले भारतीय टीम को मुंबई में क्ववारेंटीन किया गया है। क्वारेंटीन की अवधि पूरी करने के बाद खिलाड़ी 2 जून को इंग्लैंड के दौरे पर रवाना होंगे। इंग्लैंड के दौरे पर भारतीय टीम 18 जून को आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला खेलेगी, इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी। लेकिन इससे पहले 19 मई से सभी खिलाड़ियों को मुंबई में होटल में क्वारेंटीन रखा गया है। लेकिन अहम बात यह है कि ये सभी खिलाड़ी एक साथ क्वारेंटीन में नहीं हैं बल्कि अलग-अलग कमरे में क्वारेंटीन हैं। इन खिलाड़ियों से कहा गया है कि वह अपने कमरे में ही खुद को क्वारेंटीन रखे और वर्कआउट करें।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार इन सभी खिलाड़ियों को अलग-अलग कमरे में रखा गया है और बीसीसीआई ने इनके लिए इस तरह की योजना बनाई है ताकि सभी खिलाड़ी अपने कमरे में खुद को फिट रख सके। 7 दिन तक ये सभी खिलाड़ी क्वारेंटीन में रहेंगे और इसके बाद ये बबल में जाएंगे। इस दौरान खिलाड़ियों के कमरे में डंबल, साइकिलिंग मशीन आदि की व्यवस्था की गई है ताकि ये खिलाड़ी खुद को फिट रख सके।
क्वारेंटीन के दौरान खिलाड़ियों को अपने कमरे से बाहर नहीं जाना पड़े इसलिए उनके कमरे में ही ट्रेनिंग की सारी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। इन्हें डंबल, बार, साइकिलिंग मशीन दी गई है। इसके साथ ही हर खिलाड़ी का रोजाना कोरोना टेस्ट होगा। यही नहीं सभी खिलाड़ी पहले ही कोरोना की पहली डोज ले चुके हैं और इन्हें दूसरी डोज इंग्लैंड में दी जाएगी, जिसका इंतजाम बीसीसीआई ने पहले ही कर रखा है। इस बाबत बीसीसीआई ने यूके के स्वास्थ्य विभाग से बात कर रखी है, जब खिलाड़ी दूसरी खुराक के योग्य होंगे तो उन्हें इंग्लैंड में ही वैक्सीन दी जाएगी।
इस बार बीसीसीआई ने खिलाड़ियों को कोरोना से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं और जबरदस्त तैयारी की है। सभी खिलाड़ियों का आरटीपीआर टेस्ट कराने के बाद ही उन्हें मुंबई में इकट्ठा किया गया है। जहां खिलाड़ियों को अलग-अलग कमरे में क्वारेंटीन किया गया है। ये सभी खिलाड़ी दो हफ्ते तक आइसोलेशन में रहने के बाद इंग्लैंड के लिए रवाना होंगे। इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी और विराट कोहली समेत तमाम खिलाड़ी अपने कमरे में ही ट्रेनिंग कर रहे हैं।