हरारे। पहले टी-20 में हार के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी दूसरे टी-20 में जीत के इरादे से मैदान में उतरेंगे। तीन टी-20 मैचों की सीरीज को जीवित रखने के लिए धोनी इस मैच में वापसी करने की कोशिश करेंगे। इस दौरे पर यह पहला मौका है कि जब टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा है।
आखिरी पड़ाव पर धोनी टीम इंडिया की युवा पीढ़ि को तराश रहे हैं
कई अहम मौकों पर युवा खिलाड़ी विफल साबित हुए। आखिरी ओवर में कप्तान धोनी जीत का चौका लगाने में विफल रहे जिसके चलते टीम इंडिया को दो रन से हार का सामना करना पड़ा। जिस तरह से मनीष पांडे ने 48 रनों की पारी खेली, उसके बाद पहला मैच खेल रहे मंदीप सिंह इस पारी को आगे बढ़ाने में विफल रहे उसकी वजह से टीम दबाव में आती गयी।
आखिरी ओवर में टीम इंडिया को 8 रन बनाने थे, उस वक्त धोनी एक छोर पर तो अक्षर पटेल दूसरे छोर पर मौजूद थे। लेकिन अक्षर पटेल के खराब शॉट की वजह से टीम दबाव में आ गयी। इस सीरीज में पहली बार युवा टीम दबाव में थी और इस दबाव को झेलने में टीम फेल रही। एक तरफ जहां बल्लेबाज विफल रहे तो गेंदबाज भी अहम मौके पर खुद को साबित नहीं कर सके।
इस जीत का क्रेडिट जिम्बाब्वे की टीम को जाना चाहिए, जिन्होंने वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप के बाद भारत के खिलाफ 170 रन बनाये। रिशी धवन ने इस मैच में चार ओवर में 42 रन लुटाये, जबकि जयदेव उनादकद भी अपनी लाइन लेंथ को बरकरार नहीं रख सके और उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। ऐसे में टीम इंडिया इन गलतियों को इस मैच में दोहराना नहीं चाहेगी और सीरीज में वापसी करने का इरादे से मैदान में उतरेगी।
भारत
लोकेश राहुल, मंदीप सिंह, अंबाती रायडू, मनीष पांडेय, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), अक्षर पटेल, ऋषि धवन, जसप्रीत बुमराह, जयदेव उनादकत, यजुवेंद्र चहल।
जिम्बाब्वे
चामुनओरवा चिबाबा, हेम्लिटन मासाकाड्जा, सिकंदर रजा बट, मैक्लम वालेर, एल्टन चिगम्बुरा, तिनोतेंडा मुतोम्बोद्जी, रिचमोंड मुतुम्बामी, ग्रेम क्रेमर, नेविल माद्जीवा, तौरेई मुजाराबानी और डोनाल्ड तिरिपानो।