For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

आंसूओं के साथ सचिन ने किया क्रिकेट को अलविदा, कहा नहीं भूलूंगा सचिन-सचिन का शोर

मुंबई। 16 नबंवर 2013 का ये दिन सचिन-वार के नाम से जाना जाएगा। जैसे ही वेस्टेंडीज का आखिरी विकेट गिरा पूरा स्टेडियम सचिन-सचिन के शोर से गूंज पड़ा। टीम इंडिया के खिलाड़ी सचिन को घेरे हुए थे, लेकिन सचिन की आंखों से आंसूओं का सैलाब थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। सचिन अपने नम आंखों को छिपाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वो इस प्रयास में कामयाब नहीं हो पाए।

सचिन के आंसूओं के साथ-साथ उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर, उनका पूरा परिवार, यहां तक की पूरा स्टेडियम रो पड़ा। भावुक माहौल था। इस बीच सचिन के प्रेजेंटेशन का ये आखिरी लम्हा जज्बात से भरा हुआ था। इमोशंस उफन रहे थे। दर्शकों, खिलाड़ियों, कॉमेंटेटर्स सभी की आंखों में आंसू थे।

सचिन ने जैसे ही माइक संभाली सचिन-सचिन की गूंज एकबार फिर से चारों ओर गूंज पड़ी। शोर इतना ज्यादा था कि सचिन कहने पर मजबूर हो गए कि आपके ये सचिन-सचिन की गूंज में अपने जिंदगी की आखिरी सांस तक नहीं भूल पाऊंगा। भावुक आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। आंसूओं के साथ ही सचिन ने उन सबको धन्यवाद दिया जो उनके जीवन के हिस्सा बनें। अपने परिवार, अपने गुरु, क्रिकेट बोर्ड के सदस्यों के साथ-साथ सचिन मीडिया और फोटोग्राफरों को भी धन्यवाद करना नहीं भूले।

इस भावुक माहौल में टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने सचिन के कंधे पर उठाकर स्टेडियम के चक्कर लगाए, लेकिन आखिरी तब सब शांत हो गए जब सचिन स्टेडियम में पिच को दोनों हाथों से छूकर नमन किया। सचिन की इस भावुक विदाई के साथ ही क्रिकेट के एक युग का अंत हो गया।

Story first published: Monday, November 13, 2017, 11:12 [IST]
Other articles published on Nov 13, 2017
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+