सचिन के आंसूओं के साथ-साथ उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर, उनका पूरा परिवार, यहां तक की पूरा स्टेडियम रो पड़ा। भावुक माहौल था। इस बीच सचिन के प्रेजेंटेशन का ये आखिरी लम्हा जज्बात से भरा हुआ था। इमोशंस उफन रहे थे। दर्शकों, खिलाड़ियों, कॉमेंटेटर्स सभी की आंखों में आंसू थे।
सचिन ने जैसे ही माइक संभाली सचिन-सचिन की गूंज एकबार फिर से चारों ओर गूंज पड़ी। शोर इतना ज्यादा था कि सचिन कहने पर मजबूर हो गए कि आपके ये सचिन-सचिन की गूंज में अपने जिंदगी की आखिरी सांस तक नहीं भूल पाऊंगा। भावुक आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। आंसूओं के साथ ही सचिन ने उन सबको धन्यवाद दिया जो उनके जीवन के हिस्सा बनें। अपने परिवार, अपने गुरु, क्रिकेट बोर्ड के सदस्यों के साथ-साथ सचिन मीडिया और फोटोग्राफरों को भी धन्यवाद करना नहीं भूले।
इस भावुक माहौल में टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने सचिन के कंधे पर उठाकर स्टेडियम के चक्कर लगाए, लेकिन आखिरी तब सब शांत हो गए जब सचिन स्टेडियम में पिच को दोनों हाथों से छूकर नमन किया। सचिन की इस भावुक विदाई के साथ ही क्रिकेट के एक युग का अंत हो गया।