हरारे। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 मैच हारने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने नवाइल मदजिवा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने जो आखिरी गेंद डाली थी वह बेहतरीन गेंद थी। इस मैच में टीम इंडिया को 2 रनों से हार का सामना करना पड़ा था।
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इस हार के बाद धोनी ने कहा कि आखिर में प्रतिस्पर्धा बैट और बॉल के बीच होती है और मुझे लगता है कि आखिरी गेंद बेहतरीन गेंद थी। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियो के लिए यह एक सीखने का अनुभव है जिनके पास काफी अनुभव है और वह काफी गलतियां करते हैं।
धोनी ने कहा कि हम पूरी क्षमता के साथ नहीं खेले, काफी विकेट खराब शॉट खेलने के बाद गिरे। घरेलू क्रिकेट में दबाव कम होते हैं लेकिन भारत के लिए खेलने पर दबाव अधिक होता है। वहीं इस जीत से उत्साहित जिम्बाब्वे के कप्तान ग्रीम क्रेमर ने कहा कि हम अगले मैच में और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। क्रेमर ने कहा कि वनडे सीरीज में हार के बाद यह अच्छी वापसी है, काफी दबाव कम हुआ है।इस मैच में एल्टन चिगुंबगरा ने 26 गेंदों पर 7 छक्के और एक चौका लगाकर शानदार 55 रनों की पारी खेली।
इस हार के बाद धोनी ने कहा कि बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेनी होगी, इसकी वजह है कि कई बल्लेबाज सेट होने के बाद आउट हो गये। जब लक्ष्य का पीछा कर रहे होते हैं तो आपको आखिरी तक ले जाना होता है। इस चीज की इस मैच में कमी थी।
धोनी ने कहा कि यह मेरे लिए नहीं हैं, अगर मुझे उपर बल्लेबाजी करनी होती तो मैं आसानी से चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आ सकता था। लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि युवा खिलाड़ियों के पास एक मौका है। इस सीरीज पर मैं सिर्फ इसलिए आया हूं कि मैं इन्हें समझ सकूं और गाइड कर सकूं कि क्या करना है।
धोनी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट आईपीएल से काफी अलग है, आईपीएल में गलती की गुंजाइश होती है लेकिन अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में नहीं। उन्होंने कहा कि आईपीएल में खास फर्क नहीं पड़ता आप बड़े शॉट्स खेल सकते हैं, किसी भी तरह का दबाव नहीं होता है। 14 मे से चार या पांच गेम में भी आप अगर अच्छा खेलते हैं तो आप अपनी टीम को आगे ले जा सकते हैं।
इस दौरे पर मैं खिलाड़ियों को बताता हूं कि इस मौके पर यह हो सकता था और इस तरह से आपको सीखना है। मैं उन्हें बताता हूं कि सीखने के लिए गलती करना जरूरी नहीं है। धोनी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में हर टीम का सम्मान होना चाहिए। इस बात का कोई मतलब नहीं होता है कि आप किस टीम के खिलाफ खेल रहे हैं जब आप मैदान में होते हैं तो आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देना होता है।