नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को 5 सालों (2018-2023) के लिए अपने फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) की घोषणा कर दी है। आईसीसी के इस एफटीपी में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और 13 टीमों की वनडे लीग भी शामिल है। इस नए फ्यूचर टूर प्रोग्राम में भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज को जगह नहीं मिली है। टेस्ट चैंपियनशिप में 9 टीमें खेलेंगी, जबकि टेस्ट दर्जा रखने वाली जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान की टीम को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में खेलने का मौका नहीं मिलेगा। फ्यूचर टूर प्रोग्राम के तहत भारत को 200 से ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने हैं, जिसमें से 102 मैच भारत घरेलू धरती पर खेलेगा।
ये है स्थितिः टेस्ट मुकाबलों की अगर बात करें तो चैंपियनशिप में भाग लेने वाली 9 टीमों को 2 साल की अवधि में 6 सीरीज खेलनी होंगी, जिसमें से 3 सीरीज घर तो 3 विदेशी धरती पर खेली जाएंगी। 9 टीमों में शीर्ष दो पर रहने वाली टीमों के बीच चैंपियनशिप का फाइनल मैच जून, 2021 में खेला जाएगा। वहीं कुल 13 टीमों की वनडे लीग में टेस्ट मैच खेलने वाले 12 देशों के अलावा नीदरलैंड्स भी खेलेगा। यह लीग 1 मई 2020 से 31 मार्च 2022 तक आयोजित होगी। हर टीम को 2 साल की अवधि में 8 द्विपक्षीय सीरीज खेलनी होगी। चार सीरीज घर, तो इतनी ही विदेशी धरती पर खेली जाएंगी। इस लीग के जरिए 2023 में भारत की मेजबानी में होने वाले वाले वर्ल्ड कप में भाग लेने वाली टीमों का फैसला होगा। मेजबान भारत के अलावा वनडे लीग में शीर्ष 7 स्थानों पर रहने वाली टीमें वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वॉलिफाई कर जाएंगी। बाकी 5 टीमों को क्वॉलिफायर खेलना होगा।
टेस्ट चैंपियनशिप का आयोजन 2019 में होने वाले आईसीसी वर्ल्ड कप के बाद होगा। टेस्ट चैंपियनशिप के तहत खेली जाने वाली पहली सीरीज एशेज सीरीज होगी, जो इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच इंग्लैंड में जुलाई में खेली जाएगी। इसी महीने वेस्ट इंडीज टीम भारत का दौरा करेगी, जबकि न्यू जीलैंड को श्री लंका की मेजबानी करनी है। टूर्नमेंट का अंतिम लीग मैच अप्रैल 2021 में खेला जाएगा।