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ये बातें जोकोविच से सीख सकते हैं हमारे क्रिकेटर्स

न्‍यूयॉर्क। सर्बिया के नोवाक जोकोविच पिछले चार वर्षों से टेनिस के बादशाह बने हुए हैं। जी हां जोकोविच जल्‍द ही दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी वाली रैंकिंग पर चार वर्ष तक अपनी जगह बरकरार रखकर एक नया इतिहास बनाने की ओर हैं। चार वर्ष तक नंबर वन बने रहना अपने आप में एक चुनौती है। जोकोविच ने इस चुनौती को भी पार करने की तैयारी कर ली है।

विंबलडन जीतने के साथ ही अब जोकोविच इस साल के आखिरी ग्रैंड स्‍लैम यूएस ओपेन जीतने पर लगा दी हैं। बात जब जोकोविच की हो रही है तो सोचा क्‍यों न उनके बारे में उन कुछ बातों का जिक्र किया जाए तो शायद भारतीय क्रिकेट टीम और क्रिकेटर्स को भी प्रभावित कर सकें।

लक्ष्‍य सबसे ऊपर

लक्ष्‍य सबसे ऊपर

क्रिकेट और टेनिस, दो एकदम अलग तरह के खेल लेकिन दोनों में ही प्रतिबद्धता और लक्ष्‍य काफी अहम हैं। जोकोविच को एक समय में मीडिया ने 'डिजोकर' तक का टाइटल दिया था लेकिन इन सबके बाद भी जोकोविच ने हमेशा अपने लक्ष्‍य पर ध्‍यान लगाए रखा।

दबाव में भी बनते हैं चैंपियन

दबाव में भी बनते हैं चैंपियन

नोवाक जोकोविच ने अपने करियर का वह दौर भी देखा जब एकदम खाली कोर्ट पर विनिंग शॉट्स लगाते थे। जोकोविच से जब पूछा जातातो वह कहते कि दबाव में खेलने का अपना अलग मजा होता है।

लोगों की प्रतिक्रिया के मायने

लोगों की प्रतिक्रिया के मायने

न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स को दिए अपने एक इंटरव्‍यू में जोकोविच ने बताया है कि शुरुआत में लोगों को शक था कि क्‍या वह कभी नंबर वन बन पाएंगे। कई तरह की प्रतिक्रियाएं भी आईं लेकिन उन्‍होंने ठान लिया था कि उन्‍हें हर हाल में नंबर वन बनना है।

हमेशा अपने प्रतिद्वंदी का सम्‍मान

हमेशा अपने प्रतिद्वंदी का सम्‍मान

जिस समय जोकोविच ने अपना खेल शुरू किया था, उनके सामने रोजर फेडरर और राफेल नडाल जैसे चैंपियन खिलाड़ी थे। जोकोविच आज तक कहते हैं कि आज वह फेडरर और नडाल जैसे खिलाड़‍ियों की वजह से ही यहां तक पहुंच पाए हैं।

नकारात्‍मक बातों से बचें

नकारात्‍मक बातों से बचें

इस वर्ष विंबलडन के एक मैच में जब जोकोविच कोर्ट बॉल गर्ल पर चीखे तो उस घटना ने सुर्खियां बटोरी। लेकिन मैच के बाद ही जोकोविच ने उससे माफी मांग ली। जोकोविच के मुताबिक मैच के बाद उन्‍हें इस बात ने काफी परेशान किया और वह नहीं चाहते थे कि अगले मैच के दौरान कोई विवाद उन पर प्रभाव डाले।

मेंटल फिटनेस सबसे अहम

मेंटल फिटनेस सबसे अहम

जोकोविच मानते हैं कि करियर की शुरुआत में मिली हर हार ने उन्‍हें एक नई जीत के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में वह भले ही अपनी हार को लेकर परेशान होते थे लेकिन आज वह अपनी हार को भी काफी महत्‍व देते हैं।

हर मैच का लुत्‍फ

हर मैच का लुत्‍फ

आज जोकोविच को आप सभी ने मैच के बाद कोर्ट पर डांस करते या फिर मजाक करते देखा है। जोकोविच का मानना है कि मैच जैसा भी हो, नतीजा जो भी उसे भुलाकर ही आगे बढ़ने में ही भलाई है लेकिन अगले मैच में जीत ही मिले इसके लिए 100 प्रतिशत कोशिश करनी होगी।

एटीट्यूड सबसे अहम

एटीट्यूड सबसे अहम

जोकोविच का मानना है कि हर मैच में आपका एटीट्यूड सबसे अहम है। या तो आप आगे बढ़ते हैं या फिर पीछे होते हैं। लेकिन जब आप अपने खेल में एक ही जगह रुक जाते हैं तो वहां से आप बाकी दुनिया से पीछे होने लगते हैं। इसलिए हमेशा या तो आगे बढ़‍िए या इसकी कोशिश करते रहिए।

Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
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