
किसी लीग के ड्रॉफ्ट में नहीं भेज सकते नाम
बीसीसीआई के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, 'हरभजन सिंह ने बीसीसीआई से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' कभी नहीं मांगा। ऐसे में वह किसी लीग के ड्रॉफ्ट में अपना नाम नहीं भेज सकते। यह बीसीसीआई की पॉलिसी के खिलाफ है। बोर्ड ने रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच की है और भज्जी ने स्पष्ट रूप से इस तरह की किसी भी लीग का हिस्सा होने से इनकार किया है।' हरभजन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट नहीं लिया है और वह इंडियन प्रीमियर लीग की फ्रैंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं।

ये है नियम
बीसीसीआई के नियमानुसार, कोई भी भारतीय खिलाड़ी, जिसने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है, बगैर बोर्ड से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' के किसी बाहरी टी-20 लीग का हिस्सा नहीं हो सकता है। गौरतलब है कि गुरुवार को हरभजन सिंह के 'द 100' ड्रॉफ्ट में शामिल होने की खबर आई थी। माना जा रहा था कि भज्जी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए काफी उत्साहित हैं। टेस्ट में 417 विकेट लेने वाले टर्बनेटर युवराज सिंह की राह चलेंगे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहेंगे।

युवी ने लिया था ग्लोबल लीग टी-20 में हिस्सा
उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने कनाडा की ग्लोबल लीग टी-20 में हिस्सा लिया था। इसके लिए उन्होंने बीसीसीआई के नियमों को फॉलो करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहते हुए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' हासिल किया था। भज्जी ने अपना अंतिम टेस्ट मैच 2015 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था। हालांकि हरभजन आईपीएल में नियमित तौर पर खेलते रहते हैं और इस प्रतियोगिता के 150 मुकाबलों में 160 विकेट चटका चुके हैं।


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