
सचिन की तरह बनना चाहता था
सहवाग बचपन से ही सचिन को टीवी पर देखते थे। शुरुआती दिनों में वो सचिन के हर हाव-भाव, स्टांस औ बैटिंग टेक्नीक को फॉलो करते थे, हालांकि बाद में उन्होंने अपना अलग अंदाज अख्तियार किया।

मिडिल ऑर्डर में खेलता तो और लंबा होता कैरियर
सहवाग मिडल ऑर्डर में खेलना चाहते थे, लेकिन मिडिल ऑर्डर में द्रविड़, सचिन और लक्ष्मण की वजह से उन्हें यह मौका नहीं मिला।

मेरे बेटे ने भी मुझे अच्छा बल्लेबाज मानने से इनकार कर दिया था
एक वह दौर भी आया था जब सेहवाग को उनके बेटे ने ही अच्छा क्रिकेटर मानने से इनकार करते हुए उनसे क्रिकेट की तकनीक सीखने से मना कर दिया था।

सफेद और लाल गेंद चुनौती थी
सहवाग को सफेद और लाल गेंद के बीच फर्क थोडा मुश्किल था। सेहवाग कहते हैं उन्हें नहीं पता था बतौर सलामी बल्लेबाज लाल गेंद से कैसे खेला जाए, लेकिन उन्होंने अपन आक्रामक अंदाज को ही अपनाया।

सचिन ने दी थी मां-बाप के लिए खेलने की सलाह
जिस वक्त सहवाग खराब फॉर्म से गुजर रहे थे उस वक्त सचिन ने उन्हें सलाह थी कि क्रीज पर 2-3 घंटे टिको जिससे की तुम्हारे मां-बाप तुम्हें टीवी पर देख पाये।


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