[विवेक शुक्ला] पाकिस्तान की आईआईसी क्रिकेट वर्ल्ड कप में दो टीमें भाग ले रही हैं। सबको लगता है कि उसकी एक ही टीम खेल रही है। हम बताते हैं कैसे। यूनाइटेड अरब अमीरत की टीम के 14 में से 9 खिलाड़ी पाकिस्तानी मूल के हैं। इनका जन्म भी पाकिस्तान के विभिन्न शहरों जैसे कराची, कोहाट,लाहौर वगैरह में हुआ है। इन खिलाड़ियों के माता-पिता संयुक्त अरब अमीरत में कामकाज के लिए आए तो इधर के ही होकर रह गए।
इंजी के मुलतान से
पहले बात करते हैं इसके विकेट कीपिर अमजद अली से। वे ठोस बल्लेबाज भी हैं। लेग ब्रेक गेंद भी फेंक लेते हैं। वे लाहौर में पैदा हुए। अमजद जावेद का जन्म तो दुबई में हुआ है, पर इनके माता-पिता पाकिस्तान से ही संबंध रखते हैं। जावेद हरफनमौला खिलाड़ी हैं। इसी टीम में खुर्रम खान भी हैं। वे मुलतान से आते हैं। मुलतान से ही संबंध पाकिस्तान के महान बल्लेबाज इंजमाम उल हक का भी है। वे उम्र दराज हैं। 43 साल के हैं। बढ़िया बल्लेबाज हैं।
कराची से कई खिलाड़ी
इसी टीम में नावेद सलीम भी हैं। वे खूब शानदार बल्लेबाज हैं। उनका जन्म कराची में हुआ। कामराज शहजाद का जन्म भी कराची में हुआ है। वे दाएं हाथ के बल्लेबाज है। उन्हीं की तरह से नासिर अजीज भी हैं। वे भी कराची में पैदा हुए। वे आल राउंडर हैं।
26 साल के रोहन मुस्तफा का जन्म पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कोहाट में हुआ। वे लंबे समय से यूनाइटेड अरब अमीरत की टीम से खेल रहे हैं। वे अंडर 19 की भी टीम में रहे हैं। रावलपिंडी से आते है इसी टीम के एक और युवा खिलाड़ी सकलैन हैदर। वे मध्यम क्रम के बल्लेबाज हैं। वे विकेट कीपर भी हैं टीम के।
इकबाल स्यालकोट शहर से
उर्दू के महान शायर मोहम्मद इकबाल के शहर स्यालकोट से संबंध रखते हैं अनवर अली। वे भी टीम की बल्लेबाजी की जान हैं।
और कहां-कहां पाकिस्तानी
इसके अलावा साउथ अफ्रीका की टीम में इमरान ताहिर, इंगलैंड टीम में मोइन अली और जिम्बाव्वे की टीम में सिकंदर रजा हैं। अब आप कह सकते हैं कि पाकिस्तान की एक नहीं दो टीमें खेल रही हैं वर्ल्ड कप में।