नई दिल्ली। आईपीएल का मैच अपने रोमांच के लिए जाना जाता है। दनादन इस क्रिकेट में हर गेंद पर एक रोमांच पैदा होता है, और एक गेंद ही मैच का पूरा रुख बदल देती है। ऐसे में यह क्रिकेट जितना रोमांचक लगता है असल मायने में उतना ही महत्वपूर्ण भी होता है ऐसे में हमेशा इस बात का ध्यान रखना होता है की कहीं गलती से भी कोई ऐसी गलती न हो जाए जिससे की उस मैच का पूरा परिणाम ही बदल जाए। क्रिकेट में इन तमाम गलतियों को सुधारने के लिए कई तरह के तकनीक प्रयोग में लाए गए हैं जिससे की गलती न के बराबार हो लेकिन इसके बाद भी कभी-कभी कुछ ऐसे निर्णय भी सामने आते हैं जो क्रिकेट प्रेमियों के साथ-साथ खिलाड़ियों के मनोबल को भी गिराते हैं। ऐसा ही वाकया देखने को मिला केकेआर और मुंबई इंडियंस के बीच हुए इस सीजन के 41वें मुकाबले में जब अंपायर के एक गलत निर्णय की खूब आलोचना हो रही है।
हुआ कुछ यूंः इस मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई इंडियंस की टीम के पारी का 16वां ओवर चल रहा था। ईशान किशन 21 गेंदों पर 62 रनों की आतिशी पारी खेलकर आउट हुए थे। उनकी जगह लेने के लिए मैदान में उतरे थे हार्दिक पांड्या। इस ओवर में गेंदबाजी कर रहे थे केकेआर के गेंदबाज टॉम कुरन ओवर के पांचवी गेंद को अंपायर केएन अनंतपद्मनाभम ने नो बॉल करार दी, इसपर मुंबई की टीम को एक फ्री हिट भी मिल गई लेकिन जब रीप्ले में देखा गया तो असल में सही गेंद थी। इसपर गेंदबाज ने अंपायर से रीब्यू की मांग की लेकिन केकेआर अपना रीब्यू पहले ही गवां चुका था। इसके बाद यह निर्णय अंपायर का मानना पड़ा और इससे मुंबई को एक अतिरिक्त रन के साथ-साथ फ्री हिट भी मिल गई।
पहले भी हो चुकी है गलतीः इससे पहले भी यह वाकया हुआ था जब मुंबई इंडियंस और आरसीबी के बीच 17 अप्रैल को मुकाबला खेला गया था। इस मैच में जसप्रीत बुमराह की गेंद पर उमेश यादव को आउट करार दिया गया था। थर्ड अंपायर को यह जांचना था की कहीं बुमराह का पैर क्रीज से बाहर तो नहीं है, लेकिन इसमें वो सुरक्षित थे। हालांकि बाद में पाया गया की वह फुटेज गलत थी और वास्तव में बुमराह का पैर क्रीज से बाहर की ओर था। ऐसे में कई विश्लेषकों का मानना है की नो बॉल का निर्णय थर्ड अंपायर को ही देना चाहिए जिससे की निर्णय में कोई गलती नहीं हो।