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Video: मैच जीत गए तो टी-शर्ट उतारकर मैदान पर आ गए, हार जाते तो क्या करते शाकिब?

कोलंबो। एशियाई देशों में जहां क्रिकेट सबसे ज्यादा प्रचलित हैं वहां इसे लोग धर्म की तरह मानते हैं। भारत इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। लेकिन बांग्लादेश और श्रीलंका दो ऐसे देश हैं जहां क्रिकेट तेजी से लोगों के जहन में घर बना रहा है। श्रीलंका की टीम जहां अपने दिग्गज खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद बदलाव के दौर से गुजर रही है तो बांग्लादेश खुद पर लगे 'अप्रत्यशित' टैग को हटाने में लगी है। दरअसल किसी भी बड़े टूर्नामेंट में हमेशा ये कहा जाता है कि बांग्लादेश किसी भी टीम को हराकर उलटफेर कर सकती है। लेकिन ये बहुत कम कहा जाता है कि बांग्लादेश भारत, ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड जैसी टीमों के खिलाफ मजबूत है या उन्हें आसानी से हरा सकती है। इसके पीछे कारण है उसके खिलाड़ियों की निरंतरता।

2016 टी20 वर्ल्ड कप का वो करो या मरो मैच मैच याद होगा

2016 टी20 वर्ल्ड कप का वो करो या मरो मैच मैच याद होगा

2016 टी20 वर्ल्ड कप का वो करो या मरो मैच मैच याद होगा। जिसमें भारत ने श्रीलंका को 1 रन से हराकर सेमीफाइनल में बने रहने की उम्मीदें पक्की की थीं। जी हां, इस मैच को बांग्लादेश ने कभी हार नहीं माना। बांग्लादेश हमेशा कहता रहा कि गलत निर्णय के चलते भारत ने मैच जीता था। इन सबके अलावा ऑफ फील्ड जो हुआ वो दिखाता है कि क्रिकेट बांग्लादेश के लिए क्या मायने रखता है। भारत उस साल वेस्टइंडीज के हाथों सेमीफाइनल हार गया था। इसके बाद बांग्लादेश के मुस्तफिकुर रहमान ने जो ट्वीट किया वो दिखाता है कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों के अंदर हार को लेकर कितना गुस्सा और बहूदा रवैया रहता है।

धोनी का फोटो शेयर कही थी ये बात

धोनी का फोटो शेयर कही थी ये बात

वेस्टइंडीज के हाथों भारत की हार के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ी बेहद खुश नजर आए। बांग्लादेशी टीम के विकेटकीपर मुश्फिकुर रहीम ने प्रजेंटेशन सेरेमनी की कप्तान धोनी की फोटो ट्वीट किया, इसके साथ उन्होंने टीम इंडिया का मजाक बनाया और हार पर खुशी जाहिर की। श्फिकुर रहीम ने लिखा था ‘ये है खुशी...!!! हाहाहा...!!! सेमीफाइनल में टीम इंडिया की हार...।' इस ट्वीट से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों को वो हार कितनी बुरी लगी। हालांकि भले ही मुश्फिकुर ने बाद में माफी मांग ली हो लेकिन उनका वो रवैया खेल भावना के लिहाज से बिल्कुल भी ठीक नहीं लगा।

बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने सारी सीमाएं लांघ दी

बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने सारी सीमाएं लांघ दी

कहा जाता है कि हार जीत खेल का हिस्सा होता है। लेकिन खुद को हराने वाली टीम के हारने पर आपको अपनी भावनाओं पर भी काबू रखना होता है। लेकिन कुछ इसी तरह का नजारा शुक्रवार को देखने को मिला। और ये इतना भयानक था कि इस खेल को याद रखा जाएगा। श्रीलंका के खिलाफ निदहास ट्रॉफी के करो या मरो मैच में बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने सारी सीमाएं लांघ दी हैं। कहा नहीं जा सकता है कि आईसीसी इस पर क्या फैसला लेगी लेकिन खेल को दिल से चाहने वालों के लिए बांग्लादेश के खिलाड़ियों की ये हरकतें जरूर निराश करेंगी।

बांग्लादेश के किसी खिलाड़ी ने ड्रेसिंग रूम का शीशा तोड़ डाला

बांग्लादेश के किसी खिलाड़ी ने ड्रेसिंग रूम का शीशा तोड़ डाला

खबरों की मानें तो मैदानी ड्रामे के बाद बांग्लादेश के किसी खिलाड़ी ने ड्रेसिंग रूम का शीशा तोड़ डाला है। ये पहली बार है। खेल प्रेमियों के लिए शुक्रवार को सबसे चौंकाने वाला क्षण सबसे ज्यादा चहेते खिलाड़ी शाकिब अल हसन की हरकतें थी। शाकिब को बांग्लादेश के अलावा विदेशों में भी काफी पसंद किया जाता है।

क्या करते शाकिब अगर मैच हार जाते?

क्या करते शाकिब अगर मैच हार जाते?

क्या करते शाकिब अगर मैच हार जाते? शाकिब ने पूरी कोशिश की कि मैच रद्द हो। उन्होंने अपने खिलाड़ियों को वापस बुलाने के लिए काफी दबाव डाला। कई बार देखा गया जब शाकिब ने महमदुल्लाह को वापस आने के लिए कहा। उन्हें अंपायर के किसी फैसले से नाराजगी थी। क्रिकेट में अनेकों बार अंपायरों से गलतियां हुई हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि खेल ही खत्म कर दिया जाए। वो तो थैंक्यू बोलना चाहिए महमदुल्लाह को जिन्होंने बांग्लादेश को मैच जिता दिया। अगर बांग्लादेश मैच हार जाता तो शाकिब क्या इसे हार मानते? क्योंकि उनकी टीम ने भारत के खिलाफ 2016 टी20 वर्ल्ड कप में मिली हार को कभी हार नहीं माना। जीत के बाद शाकिब टी शर्ट उतारकर मैदान पर हुंकार भर रहे थे। लेकिन उससे पहले वे मैच को मैच न मानकर ड्रेसिंग रूम जा चुके थे। क्या शाकिब का ये रवैया ठीक था।

शाकिब को गांगुली से सीखना चाहिए

शाकिब को गांगुली से सीखना चाहिए

मैच के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए शाकिब के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। हालांकि उन्होंने खुद पर काबू रखने की बात जरूर दोहराई लेकिन सबसे बड़ा सवाल कि क्या वे मैच हारने के बाद वही बोलते जो उन्होंने जीतने के बाद कहा। शाकिब ने कहा कि खेल में ये होता रहता है। और वे भावनाओं में आकर थोड़ा ज्यादा सेलीब्रेट कर रहे थे। बांग्लादेशी अपनी हार को किस तरह नहीं पचा पाते हैं इसका अंदाजा उनके टीम मैनेजर के रिएक्शन को देखकर ही लगाया जा सकता है। बांग्लादेशी टीम मैनेजर खालिद महूमद ने शाकिब से ज्यादा आग बबूला हो रहे थे। और अंत में ये भी नहीं भूलना चाहिए कि शाकिब ने किसी को सॉरी नहीं बोला है। आपको याद होगा जब गांगुली ने लॉर्ड्स पर टी शर्ट उतारी थी तब क्रिकेट जगत से काफी प्रतिक्रियाएं आईं थी लेकिन गांगुली को आपने कई बार सुना होगा कि वे अपनी उस हरकत के लिए आज भी अफसोस जताते हैं। गांगुली को अफसोस है कि उन्होंने खेल भावना के विपरीत जाकर टी शर्च लहराई थी।

Story first published: Saturday, March 17, 2018, 15:07 [IST]
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