बुधवार को हुए आईपीएल नीलामी में युवराज सिंह को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के सातवें संस्करण के लिए 14 करोड़ रुपये में खरीदा। शीर्ष खिलाड़ियों के पहले सेट में युवराज को सबसे अधिक कीमत पर खरीदा गया है।
लेकिन युवराज सिंह को खरीदने के बाद एक अजीब सी बात सामने आयी। आरसीबी के मालिक विजय माल्या ने आरोप लगाया है कि युवराज सिंह को जानबूझकर 14 करोड़ में बेचा गया है। उनकी नीलामी तो 10 करोड़ में ही हो गयी थी लेकिन केकेआर के बीच में कूद जाने से युवराज की कीमत 10 करोड से 14 करोड़ तक जा पहुंची।
माल्या ने अंग्रेजी चैनल टाइम्स नाउ से बात करते हुए कहा कि हमने 10 करोड़ पर युवराज को खरीद लिया था जिस पर पहले मॉडरेटर ने मुहर भी लगा दी थी।
लेकिन अचानक से केकेआर की टीम युवराज को खरीदने के लिए फिर से बोली लगानी शुरू कर दी जिस पर मॉडरेटर ने केकेआर का साथ दिया और हमें 14 करोड़ में युवराज को खरीदना पड़ा क्योंकि हम हर कीमत पर युवी को खरीदना चाहते थे। हालांकि माल्या ने कहा कि वह युवराज को खरीदकर बहुत खुश हैं।
लेकिन मॉडरेटर और केकआर के बर्ताव से बहुत ज्यादा नाराज हैं इसलिए उन्होंने इस बारे में एक शिकायत आईपीएल की गवर्नेंस काउंसिल को भी की है।
देखते हैं कि माल्या की शिकायत क्या रंग लाती है? फिलहाल माल्या की बातों से एहसास हो रहा है कि जितनी खुशी उन्हें युवराज को खरीदे जाने पर नहीं है उससे कहीं ज्यादा दुख उन्हें 4 करोड़ ज्यादा खर्च होने का हो रहा है।