फ़्रांस के स्टार स्ट्राइकर निकोलस एनेल्का को वापस भेज दिया गया है. ऐसी रिपोर्टें हैं कि विश्व कप में मैक्सिको के ख़िलाफ़ मैच के दौरान हाफ़ टाइम में उनकी टीम के कोच रेमंड डोमेनेच से बहस हो गई थी.
शनिवार को टीम के साथ उन्होंने अभ्यास नहीं किया. फ़्रांस ये अहम मैच 2-0 से हार गया था और उसके दूसरे दौर में पहुँचने की संभावना पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
मैक्सिको के ख़िलाफ़ मैच में दूसरे हाफ़ में एनेल्का को नहीं उतारा गया. फ़्रांस के एक प्रमुख अख़बार ला एक्विप के मुताबिक़ एनेल्का और कोच रेमंड डोमेनेच के बीच काफ़ी गरमा-गरमा बहस हुई. एनेल्का ने डोमेनेच की बेइज़्ज़ती की और बाद में माफ़ी मांगने से भी इनकार किया.
फ़्रेंच फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन ने एक बयान में कहा है, "एनेल्का के माफ़ी मांगने से इनकार के बाद कोच, आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल की सहमति से एनेल्का को टीम से बाहर करने का फ़ैसला किया गया." फ़्रांस के कप्तान पैट्रिस एवरा भी इस फ़ैसले के समय वहाँ मौजूद थे.
विश्व कप शुरू होने से पहले से ही कई मौक़े पर फ़्रांसीसी कोच की रणनीति की काफ़ी आलोचना हुई है. मैक्सिको के ख़िलाफ़ मैच में भी उनके कई फ़ैसलों की आलोचना हुई थी. कहा तो ये भी जाता है कि कोच और कई खिलाड़ियों के रिश्ते ख़राब हैं.
फ़्रांस और उरुग्वे के बीच मैच ड्रॉ रहा था और मैक्सिको के हाथों फ़्रांस की टीम हार गई थी. अब फ़्रांस का आख़िरी मैच मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका के साथ है. लेकिन समीकरण फ़्रांस के ख़िलाफ़ जा रहे हैं.
अगर फ़्रांस की टीम दक्षिण अफ़्रीका को हरा देती है लेकिन उरुग्वे और मैक्सिको का मैच ड्रॉ हो जाता है, तो भी फ़्रांस बाहर हो जाएगा. फ़्रांस को दूसरे दौर में पहुँचने के लिए बड़े अंतर से जीतना होगा बल्कि उरुग्वे और मैक्सिको के मैच के नतीजे का इंतज़ार करना होगा.
इन सबके बीच एनेल्का को लेकर विवाद से फ़्रांसीसी टीम का भला होने वाला नहीं. ख़ुद फ़्रांसीसी कोच ने भी कहा है कि कोई चमत्कार ही उनकी टीम को दूसरे दौर में पहुँचा सकती है.
पूर्व फ़्रांसीसी कप्तान ज़िनेदिन ज़िदान ने भी कोच डोमेनेच की कई मौक़े पर आलोचना की है.