नई दिल्ली। टीम इंडिया के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने टीम इंडिया का हेड कोच न बन पाने को लेकर बड़ा बयान दिया है। ऐसा माना जा रहा था कि सहवाग ही टीम इंडिया के कोच बनेंगे लेकिन अचानक से रवि शास्त्री ने भी कोच पद के लिए अर्जी दी और वो कोच भी बन गए। आखिर ऐसा क्यों हुआ? इस मामले पर खुद वीरेंद्र सहवाग ने खुलासा किया।
वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि बीसीसीआई में उनकी कोई सेटिंग नहीं थी, इसलिए वह हेड कोच नहीं बन पाए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि वह दोबारा कोच पद के लिए अप्लाई नहीं करेंगे। वीरेंद्र सहवाग ने कहा, 'देखिए मैं कोच इसलिए नहीं बन पाया, क्योंकि जो भी कोच चुन रहे थे उनसे मेरी कोई सेटिंग नहीं थी।' उन्होंने कहा, 'मैंने कभी इंडियन क्रिकेट टीम का कोच बनने के बारे में नहीं सोचा था। बीसीसीआई के सेक्रटरी अमिताभ चौधरी और जीएम (गेम डिवेलपमेंट) एम.वी. श्रीधर मेरे पास आए और मुझसे ऑफर के बारे में विचार करने के लिए कहा। मैंने अपना वक्त लिया और उसके बाद इस पद के लिए अप्लाई किया।'
बता दें कि जून 2017 में अनिल कुंबले के हटने के बाद जुलाई में रवि शास्त्री टीम इंडिया के नए कोच बने हैं। इसके लिए बीसीसीआई ने ऐप्लिकेशन मंगवाने से लेकर इंटरव्यू तक की प्रक्रिया की थी। सहवाग ने आगे कहा- विराट की हां के बाद ही मैंने कोच पद के लिए अर्जी दी। अगर आप मेरी राय जानें तो मैं कभी भी कोच बनने का इच्छुक नहीं था।
सहवाग ने इंडिया टीवी से बातचीत में ये भी खुलासा किया कि उन्होंने कोच मुद्दे पर रवि शास्त्री से भी बात की थी। सहवाग ने कहा, 'चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान मैंने रवि शास्त्री से पूछा कि आपने क्यों टीम इंडिया का कोच बनने के लिए अर्जी नहीं दी, तो उन्होंने मुझे कहा कि मैंने जो गलती पहले की वो अब नहीं करूंगा।' सहवाग ने कहा कि रवि शास्त्री अगर पहले ही टीम इंडिया का कोच बनने के लिए अर्जी दे देते तो वह कभी कोच बनने की अर्जी नहीं देते।