मोहाली। भारत और इंग्लैंड के बीच चल रहे तीसरे टेस्ट मैच के दौरान सहवाग ने कमेंटरी के दौरान बातों-बातों में चार साल पहले का एक ऐसा वाकया बताया जिसकी वजह से विराट कोहली की जिंदगी ही बदल गई।
अपने विस्फोटक क्रिकेट के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हुए पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग इन दिनों कमेंटरी में हाथ आजमा रहे हैं। बल्लेबाजी की तरह कमेंटरी में भी सहवाग अक्सर कुछ ना कुछ ऐसा करते रहते हैं, जो उनको सुनने-देखने वालों के लिए खास होता है।
भारत-इंग्लैंड के बीच तीसरे मैच में कमेंटरी ने भारत के कप्तान कोहली के बारे में एक दिलचस्प बात बताई, जिसने कोहली के करियर पर बहुत असर डाला।
सहवाग ने बताया कि ''2012 में जब भारत की टीम ऑस्ट्रलिया के दौरे पर गई थी तो उन्होंने और धोनी ने जिद करके कोहली को टीम में रखा था, चयनकर्ता कोहली की जगह रोहित शर्मा को खिलाना चाहते थे लेकिन मैंने और धोनी ने कोहली को ही लेने पर जोर दिया''
सहवाग ने बताया कि उस दौरे पर धोनी टीम के कप्तान थे और वो उपकप्तान। सहवाग ने बताया कि भारत अपने पहले दोनों टेस्ट हार चुका था और चयनकर्ता टीम में बदलाव चाहते थे।
सहवाग ने बताया कि मेलबर्न में खेले गए पहले टेस्ट में कोहली ने 11 और 0, जबकि सिडनी में खेले गए दूसरे मैच में कोहली 23 और 9 रन ही बना पाए थे। तीसरे और चौथे टेस्ट के लिए टीम चुनते हुए चयनकर्ता कोहली की जगह रोहित शर्मा को लाने का मन बना चुके थे।
सहवाग ने बताया कि ''मैंने और कप्तान धोनी ने कोहली को एक और मौका देने का मन बनाया। चयनकर्ताओं की मर्जी ना होने के बावजूद हमने कोहली को बरकरार रखा।''
सहवाग बताते हैं कि पर्थ में तीसरे टेस्ट में कोहली ने 44 और 75 रन की बहुत कीमती पारियां खेलीं, वहीं एडीलेड में कोहली ने शतक जमा दिया। सीरीज में भारत की तरफ से एक ही शतक लगा, जो कोहली ने लगाया।
ऑस्ट्रलिया दौरे के बाद कोहली हमेशा सफलता की सीढियां चढ़ते रहे हैं। आज के समय में कोहली ना सिर्फ भारत के बल्कि विश्व के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं। ऐसे में ये सवाल जरूर है कि उस समय अगर सहवाग और धोनी अगर कोहली के पक्ष में ना खड़े होते तो क्या कोहली का करियर फिर भी उसी रफ्तार से बढ़ पाता।