पिछले लगभग एक साल से टीम इंडिया से बाहर चल रहे सहवाग ने कप्तानी पारी खेली और नाटिंघमशायर के समित पटेल के साथ 48 रनों की साझेदारी की। उन्होने मात्र 88 गेंदों में शतक पूरा किया।
गौर हो कि वीरेंद्र सहवाग को आस्ट्रेलिया के खिलाफ हुई घरेलू सीरीज में खराब प्रदर्शन के बाद टीम से बाहर किया गया था, क्रिकेट विश्लेषकों ने कहना शुरू कर दिया था कि सहवाग का करिअर खत्म हो चुका है, वह चश्में का भी प्रयोग करने लगे थे, इसके अलावा आईपीएल के पिछले सत्र में भी उनका प्रदर्शन खराब रहा था, वह मात्र दो अर्द्धशतक ही लगा सके।
अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट के 104 टेस्ट मैचों में सहवाग ने 23 शतक और 32 अर्द्धशतकों की मदद से 8,586 रन बनाये हैं, जबकि 251 वनडे मैचों में उन्होने 15 शतक और 38 अर्द्धशतकों की मदद से 8,273 रन बनाये। उन्हें सबसे आक्रामक और खतरनाक बल्लेबाजों में से एक माना जाता है।