लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में तकरबीन एक दशक तक अपनी धमक से टीम इंडिया का डंका बजाने वाले वीरेंद्र सहवाग ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला ले लिया है, सहवाग दुबई से वापस आने के बाद अपने संन्यास की घोषणा कर सकते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बनाये 17253 रन
पिछले ढाई साल से सहवाग टीम इंडिया से बाहर थे। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में कुल मिलाकर 17253 रन बनाने वाले सहवाग ने अपने शानदार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने का मन बना लिया है।
टेस्ट मैचे में दो बार तिहरा शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी
सहवाग एक मात्र ऐसे भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्होंने दो बार टेस्ट मैच में तीहरा शतक जड़ा है। ना सिर्फ टेस्ट बल्कि वनडे में भी उनके नाम दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर 219 रन का है।
पांचवे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी
सहवाग ने 104 टेस्ट मैचों में कुल 8586 रन बनाये हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूचि में सेहवाग पांचवे नंबर पर आते हैं। जबकि 19 टी-20 मैचों में सहवाग ने कुल 394 रन अपने नाम किये। यही नहीं गेद से भी सहवाग ने टेस्ट में 40 और वनडे में 96 विकेट अपने नाम किये हैं।
सचिन के हमशक्ल के रूप में जाने जाते थे
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सहवाग ने 1999 में पर्दार्पण किया था और उस वक्त सहवाग को सचिन का हमशक्ल कहा जाता था। जिस तरह से सहवाग बल्लेबाजी का स्टांस लेते थे और जिस तरह से वह हुक, पुल और स्ट्रेट ड्राइव लगाते थे उसमें पूरी तरह से सचिन की झलक दिखती थी।
गांगुली ने सहवाग के लिए खेला था दांव
दिल्ली की टीम के लिए खेलने वाले सहवाग को गांगुली और कोच जॉन राइट ने टीम में मौका दिया और सहवाग ने इस मौके खाली नहीं जाने दिया और उन्हें 2002 में सलामी बल्लेबाजी करने के लिए लॉर्ड्स टेस्ट में उतार दिया।
टेस्ट मैच में सलामी बल्लेबाजी का नजरिया बदला
सहवाग अपने जबरदस्त स्ट्राइक रेट के लिए दुनियाभर में विख्यात थे और उन्होंने टेस्ट मैच में बतौर सलामी बल्लेबाज खेल के रुख को बदलकर रख दिया था। बतौर सलामी बल्लेबाज सहवाग का स्ट्राइक रेट 82.23 था और उन्होंने 2000 से अधिक रन बनाये।
पाकिस्तान के खिलाफ पारी ने बनाया मुल्तान का सुल्तान
वर्ष 2003-04 सहवाग के कैरियर का सर्वश्रेष्ठ वर्ष था, इस वर्ष उन्होंने कुल 1040 टेस्ट रन नौ मैचों में बना डाले थे। इसी वर्ष उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 375 गेंदों पर 309 रनों की पारी खेली थी और उन्हें मुल्तान का सुल्तान कहा जाने लगा था।
सौ टेस्ट खेलने वाले नौंवे भारतीय
सहवाग ने कैरियर में कुल 23 शतक जमायें जिनमें से 14 मैचों में उन्होंने 150 से अधिक रन बनाये। दो तिहरे शतक के अलावा सहवाग के नाम चार दोहरे शतक भी हैं। वर्ष 2012 में सहवाग नौंवे ऐसे बल्लेबाज बनें जिन्होंने 100 टेस्ट मैच खेले।
वनडे में लगाये 15 शतक 14 में मिली भारत को जीत
वनडे कैरियर में भी सहवाग ने अपने बल्ले की चमक जमकर बिखेरी। कुल 251 मैचों में सहवाग ने 15 शतक लगाये जिनमें से 14 मैचों में टीम इंडिया को जीत का स्वाद चखने को मिला।
महज 22 वर्ष की उम्र में दर्ज करायी अपनी धमक
सहवाग ने पहला वनडे शतक मात्र 69 गेदों पर महज 22 वर्ष की उम्र में जड़ दिया था। वर्ष 2003 में विश्वकप के फाइनल में पहुंचने वाली टीम इंडिया का हिस्सा रहे और 2011 में विश्वविजेता टीम के साथ विश्वकप भी उठाया। यही नहीं 2007 में टी-20 विश्वकप विजेता टीम का भी सेहवाग हिस्सा रहे।
ढाई साल से दूर हैं टीम इंडिया से
सहवाग ने अपने कैरियर का आखिरी टेस्ट वर्ष 2013 मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हैदराबाद में खेला था। जबकि आखिरी वनडे उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ जनवरी 2013 में खेला, जबकि वर्ष 2012 में उन्हें टी-20 टीम में जगह नहीं मिली थी।