नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 3-1 से जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम आगामी पांच मैचों की टी-20 सीरीज की तैयारी में जुट गई है। पहला मुकाबला 12 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। ऐसे में इस मैच से पहले टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन के चयन की गुत्थी सुलझाने में लगा है। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण ने टीम के प्लेइंग इलेवन को लेकर अहम बयान दिया है। उन्होंने बताया कि आखिर क्यों सूर्यकुमार यादव, इशान किशन और राहुल तेवतिया को प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिल सकती है।
आसान नहीं है प्लेइंग 11 में जगह
बता दें कि इशान किशन, राहुल तेवतिया और सूर्यकुमार यादव को पहली बार भारतीय टीम में चयनित किया गया है। 19 सदस्यीय टीम में इन तीनों खिलाड़ियों को बीसीसीआई ने चुना है। वहीं लक्ष्मण का कहना है कि मुझे नहीं लगता है कि इन लोगों को प्लेइंग 11 में खेलने का मौका मिलेगा क्योंकि आपके पास संतुलित और सधा हुआ मिडल ऑर्डर है। लिहाजा मैं इस ऑर्डर के साथ लगातार बने रहना चाहूंगा।
संतुलित है मिडल ऑर्डर
लक्ष्मण ने कहा कि नंबर चार के लिए मैं श्रेयस अय्यर को टीम में शामिल करना चाहूंगा। मैं यह देखना पसंद करूंगा कि ऋषभ पंत कैसे टीम में घुलते मिलते हैं, वो नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने आते हैं तो नंबर 6 पर हार्दिक पांड्या होंगे। ऐसे में सूर्यकुमार यादव, तेवतिया या फिर इशान किशन को मौका मिलना मुश्किल है। लेकिन मुझे इस बात का भरोसा है कि इन लोगों को जब भी मौका मिलेगा ये लोग अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
अच्छे प्रदर्शन की बदौलत बनाई जगह
वीवीएस लक्ष्मण ने सूर्य कुमार यादव को टीम में शामिल किए जाने पर खुशी जाहिर की थी। उन्होंने कहा कि मैं बहुत ही खुश हूं कि सूर्यकुमार को टीम में शामिल किया गया है। इशान किशन और तेवतिया भी टीम में शामिल होने के हकदार हैं। इन लोगों ने घरेलू क्रिकेट में काफी अच्छा किया है और आईपीएल में भी अच्छे प्रदर्शन की बदौलत सेलेक्टर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा है। लेकिन जिस तरह से सूर्य कुमार यादव ने प्रदर्शन किया है पिछले 4-5 सालों में वह जबरदस्त है।
सूर्यकुमार यादव रोल मॉडल
लक्ष्मण ने कहा कि जिस तरह से सूर्यकुमार यादव ने प्रदर्शन किया और अपनी बारी का इंतजार किया, वह लाजवाह है। मेरे कोच मुझसे कहते थे कि अगर चयनकर्ता आपके लिए दरवाजे नहीं खोल रहे हैं तो दरवाजा तोड़ दो और यही सूर्य कुमार यादव ने किया है। वह कई युवाओं के रोल मॉडल हो सकते हैं जो देश के लिए खेलने की इच्छा रखते हैं।