नई दिल्ली। खेल जगत में आजकल एक नया दौर शुरु हो गया है जिसके तहत वो खिलाड़ी जो क्रिकेट से रिटायरमेंट ले लेते हैं वो संन्यास के बाद अपनी आत्मकथा लिखते हैं। खिलाड़ियों की ओर से लिखे गई इन ऑटोबायोग्रॉफी में कई तरह के खुलासे होते हैं। हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और हरफनमौला खिलाड़ी शाहिद अफरीदी ने अपनी आत्मकथा में कई बड़े खुलासे करते हुए क्रिकेट जगत में हड़कंप मचा दिया था।
हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान वसीम अकरम अपनी आत्मकथा नहीं लिखना चाहते। इस बारे में जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने इस बात का कारण बताते हुए कहा कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो बहुत से लोगों को इससे परेशानी हो जायेगी और उनके साथ कई लोगों को भी बर्बाद कर देगी।
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पाक पैशन से बात करते हुए वसीम अकरम ने कहा, 'बहुत से लोग मुझसे पूछते हैं, तुम किताब क्यों नहीं लिखते? अगर मैं एक किताब लिखता हूं, और मुझे मैदान के बाहर पाकिस्तान क्रिकेट के मुद्दों के बारे में पता है, तो मैं शायद बहुत सारे लोगों को परेशान कर दूंगा और कुछ लोगों को बर्बाद कर दूंगा।'
गौरतलब है कि पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने साल 1984 में क्रिकेट टीम में डेब्यू किया था और लगभग 20 साल तक क्रिकेट खेला। साल 2003 में रिटायरमेंट लेने वाले वसीम अकरम ने बताया कि उनके करीब 2 दशक के करियर के दौरान कई ऐसे खिलाड़ी रहे जिन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट को बदनाम करने का काम किया, इसमें से ज्यादातर मामले मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग के रहे थे।
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आपको बता दें कि अपने करियर के दौरान वसीम अकरम ने पाकिस्तान टीम के लिये 104 टेस्ट और 356 वनडे मैच खेले हैं। अपनी गेंदबाजी के दौरान वसीम अकरम ने 414 टेस्ट और 502 वनडे विकेट लेने का कारनामा किया। वहीं बल्लेबाजी में भी उन्होंने 3 शतकों के साथ 2898 रन टेस्ट और 3717 वनडे रन भी बनाये।