नई दिल्ली। जम्मू -कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा देखने को मिला। देशवासियों ने पाकिस्तान के साथ सभी रिश्ते खत्म करने की मांग रखी। वहीं पाकिस्तान के खिलाफ कोई मैच ना खेलने पर भी इच्छा जताई। पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ता रोष देख बीसीसीआई ने कहा था कि उन्होंने आईसीसी को खत भेजा जिसमें कहा गया कि पाकिस्तान के साथ वह विश्व कप में होने वाला मैच नहीं खेलेंगे। लेकिन जब बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी से पूछा गया कि आपने क्या कार्रवाई की तो उन्होंने कहा है कि मैने पाकिस्तान के खिलाफ आईसीसी को कोई खत नहीं लिखा।
चौधरी ने कहा कि आईसीसी के चेयरमैन शशांक मनोहर ने इस मुद्दे पर बयान दिया था और उन्होंने कहा था कि यह मामला आईसीसी के दायरे से बाहर का है। यह पूछने पर कि क्या बीसीसीआई ने इस प्रस्ताव को तैयार करने में गलती की? उन्होंने कहा कि मैं सभी अटकलों को विराम लगाना चाहता हूं कि नजरिए में कोई अंतर नहीं था। बीसीसीआई के सीईओ ने आईसीसी के साथ लिखित संवाद किया था। इस संवाद में दो बिंदू थे- पहला बिंदू सुरक्षा से जुड़ा था जबकि दूसरा मुद्दा इस सुझाव से जुड़ा था कि भारत और आईसीसी के अन्य सदस्यों को उन टीमों के साथ हिस्सा नहीं लेना चाहिए जो उन क्षेत्रों से आती हैं जहां कुछ निश्चित घटनाएं होती हैं लेकिन पत्र में क्षेत्र का जिक्र नहीं था। आईसीसी चेयरमैन ने इस पर आईसीसी की नीति बनाने वाल एकमात्र संस्था आईसीसी बोर्ड से चर्चा के बाद कहा था कि इस पर प्रतिक्रिया देना या फैसला करना आईसीसी के दायरे में नहीं है।'
बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली। इस हमले के बाद बीसीसीआई ने पाकिस्तान को घेरते हुए आईसीसी से अपील भी की थी कि पाकिस्तान को विश्व कप से बैन किया जाए। भारत-पाकिस्तान का विश्व कप में मैच 16 जून को मैनचेस्टर में खेला जाना है। वहीं आईसीसी ने साफ शब्दों में कह दिया कि मैचों का शेड्यूल बदला नहीं जाएगा। आईसीसी का इस हमले से कोई लेना-देना नहीं और मैच तय समयानुसार ही होंगे। आईसीसी ने यह भी कहा कि अगर भारत खेलने से इंकार करता है तो उसे इसका नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। फिलहाल बीसीसीआई ने यह फैसला सरकार पर छोड़ दिया। अब सरकार फैसला तय करेगी कि पाकिस्तान के साथ मैच खेलना है या नहीं।