कोच्चि। कोच्चि वनडे में वेस्टइंडीज को हल्के में लेना भारत को भारी पड़ गया। वेस्टइंडीज ने भारत को पहले वनडे में 124 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 से मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल कर ली है।
भारतीय टीम अपने कोटे के पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और 41वें ओवर में ही 197 रनों पर ऑल आउट हो गयी। पहले वनडे में टॉस जीतने के अलावा भारत के लिये कुछ भी अच्छा नहीं हुआ। उसके सारे तोपची बल्लेबाज 322 रनों का पीछा करते हुये टीम को मझधार में छोड़ गये। परिणाम ये निकला कि अपने ही घर में टॉस जीतने के बाद भारत को मेहमानों के हाथों हार की जलालत झेलनी पड़ी।
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर इस उम्मीद में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी का न्योता दिया होगा कि उन्हें कम स्कोर में आउट करके आसानी से लक्ष्य का पीछा कर लेंगे लेकिन कैरेबियन के इरादे कुछ और ही थे। ड्वेन स्मिथ और कप्तान ड्वेन ब्रावो ने पहले विकेट के लिये सिर्फ सात ओवर में ही 34 रन जोड़ दिये। इसी स्कोर पर कप्तान ब्रावो 17 रन बनाकर आउट हो गये। इसके बाद क्रीज पर आये ब्रायन लारा के भांजे डेरेन ब्रावो। स्मिथ और डेरेन ने दूसरे विकेट के लिये 64 रनों की साझेदारी की।
कोच्चि वनडे में वेस्टइंडीज की धमाकेदार जीत
टीम के कुल 98 के स्कोर पर स्मिथ 45 गेंदों में शानदार 46 रन बनाकर आउट हुये। दूसरा विकेट गिरने के बाद मैच के हीरो मर्लन सेमुअल्स क्रीज पर आये और उन्होंने क्रीज पर ऐसा खूंटा गाड़ा कि अंत तक भारतीय गेंदबाज उन्हें आउट नहीं कर पाये। सेमुअल्स ने 116 गेंदों पर नाबाद 126 रनों की तूफानी पारी खेली. अंत में यही पारी वेस्टइंडीज की जीत का आधार बनी। दिनेश रामदीन ने पहले मैच में भी बांग्लादेश के खिलाफ दिखायी गयी फार्म को जारी रखा।
वेस्टइंडीज ने दी भारत को जलालत भरी हार
विंडीज के इस होनहार विकेट कीपर ने 59 गेंदों पर 61 रनों की तेज तर्रार पारी खेली। सेमुअल्स और रामदीन ने 165 रनों की साझेदारी की. अपनी पारी के निर्धारित पचास ओवर में वेस्टइंडीज ने 6 विकेट खोकर 321 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया।
1st ODI. It's all over! West Indies won by 124 runs http://t.co/8jrL2OLdFT #IndvWI
— BCCI (@BCCI) October 8, 2014 भारत की विश्व कप की तैयारी को दिया बड़ा झटका
322 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को धवन और रहाणे ने आठ ओवर में 49 रन बनाकर अच्छी शुरुआत दी लेकिन इसी स्कोर पर धवन के साथ गलतफहमी के चलते रहाणे रन आउट क्या हुये जैसे भारत की हार की इबारत भी लिख दी गयी। कोहली कुछ भी विराट नहीं कर पाये और सिर्फ दो रन बनाकर चलते बने। अंबाती रायुडू भी गोल्डन चांस को भुनाने में नाकाम रहे और सिर्फ 13 रन बनाकर एक बेवकूफी भरा शॉट खेल शामियाने में वापस लौट आये।
खराब फार्म के भंवर से नहीं निकल पाये विरोट कोहली
दो दिन पहले ही टीम के डायरेक्टर रवि शास्त्री से तारीफ पाये रैना इस खुमारी में ही डूब नजर आये और खाता खोले बिना ही पवेलियन वापस लौट गये। कप्तान धोनी से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस बार वो भी उम्मीदों का बोझ नहीं ढो पाये और डेरेन सैमी ने उन्हें चलता किया। दूसरे छोर पर शिखर धवन हारी हुई लड़ाई लड़ रहे थे। आखिर 29 वें ओवर में उनकी 68 रनों की पारी का भी अंत हो गया। 68 रनों के लिये धवन ने 92 गेंदें खर्च कीं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय बल्लेबाजों पर वेस्टइंडीज के गेंदबाद किस कदर हावी थे।
रैना भी खोये रहे खुमारी में..जीरो पर आउट
जब बल्लेबाजी पूरी तरह धराशाई हो गयी तो फिर गेंदबाजों से बल्ले से बड़ा प्रदर्शन करने की उम्मीद बेमानी थी। मर्लन सेमुअल्स को उनके मैच विजयी शानदार शतक के लिये मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
सेमुअल्स बने मैन ऑफ द मैच
अनिश्चितताओं के खेल क्रिकेट ने एक बार फिर साबित किया कि जिसका दिन होता है वो दुनिया की बड़ी से बड़ी टीम को भी हरा सकता है। अब दूसरे वनडे के लिये दोनों टीमें जब 11 अक्टूबर को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में भिड़ेंगी तो वेस्टइंडीज के पास इस जीत की खुराक होगी जो टॉनिक का काम करेगी। वहीं इस सीरीज को विश्व कप की तैयारी के रूप में ले रही भारतीय टीम के लिये ये बड़ा झटका है, साथ ही विराट कोहली की जारी खराब फार्म और भी बड़ी चिंता का विषय।