
जानें क्यों 26 दिसंबर को होने वाले मैच को कहते हैं बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच
हालांकि 26 दिसंबर को होने वाले इस मैच को बॉक्सिंग डे (Boxing Day Test Match) टेस्ट कहने को लेकर अक्सर यह सवाल आता है कि क्रिकेट के इस मुकाबले को बॉक्सिंग से क्यों जोड़ा जाता है। दरअसल इसका जवाब क्रिसमस से जुड़ा हुआ है। क्रिसमस के त्यौहार की अगली सुबह (26 दिसंबर) को लोग अपने प्रियजनों के साथ गिफ्ट का आदान प्रदान करते हैं जिसे बॉक्सिंग कहा जाता है और इसी वजह से क्रिसमस के अगले दिन शुरू होने वाले इस टेस्ट मैच को बॉक्सिंग डे (Boxing Day Test Match) टेस्ट मैच कहा जाता है।

128 साल पुराना है बॉक्सिंग डे टेस्ट का इतिहास
उल्लेखनीय है कि टेस्ट क्रिकेट इतिहास के 143 सालों में पहला बॉक्सिंग डे (Boxing Day Test Match) टेस्ट मैच 128 साल पहले खेला गया था। इसके तहत 1892 में पहली बार मेलबर्न के मैदान पर ही विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स के बीच शेफील्ड शील्ड का मैच खेला गया जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया में क्रिसमस के अगले दिन यह मैच खेलने की परंपरा बन गई।
वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ 1950 में 22 दिसंबर को खेला था जिसका समापन बॉक्सिंग डे (Boxing Day Test Match) पर हुआ। मेलबर्न के मैदान पर 1980 से पहले तक सिर्फ 4 टेस्ट मैच (1952,1968,1974,1975) ही बॉक्सिंग डे (Boxing Day Test Match) पर खेले गये थे जबकि एडिलेड के मैदान पर 3 टेस्ट (1967, 1972,1976) मैच खेले गये थे।

40 साल से मेलबर्न में हर साल खेला जाता है बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच
गौरतलब है कि 1975 में खेले गये बॉक्सिंग डे (Boxing Day Test Match) टेस्ट मैच में जब ऑस्ट्रेलिया की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ उतरी तो पहले ही दिन करीब 85 हजार दर्शक मैच देखने पहुंचे, जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया टीम ने इस दिन को खास तरीके से मनाने का फैसला किया।
आपको बता दें कि साल 1980 से ऑस्ट्रेलियाई टीम हर साल मेलबर्न में बॉक्सिंग डे (Boxing Day Test Match) पर टेस्ट मैच का आयोजन करवाती नजर आ रही है। वहीं बॉक्सिंग डे (Boxing Day) पर आयोजित किये जाने वाले इस मैच में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका की टीमें भी शामिल हैं जो हर साल इस दिन मैच खेलती हैं।


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