
77वें ओवर में दिखा मामला
डेंजर एरिया वाला मामला तब दिखा जब न्यूजीलैंड की पहली पारी के लिए 77वां ओवर अश्विन फेंक रहे थे। इस ओवर में अश्विन से सभी गेंदे सीधी फेंकने का फैसला लिया। गेंद फेंकने के बाद अश्विन ने अपने फॉलो थ्रू में ही पिच क्रॉस कर ली। इसको लेकर अंपायर ने नाराजगी जता दी। अंपायरों ने अश्विन को चेतावनी देनी चाही तो उनके मुताबिक सबकुछ नियमों को ध्यान में रखते ही सबकुछ हुआ। अश्विन ने अंपायर को जवाब दे दिया कि मैं जो भी कर रहा हूं, नियमों के भीतर रहकर कर रहा हूं। इस बारे में मैंने मैच रेफरी से भी बात कर ली है।

क्या होता है डेंजर एरिया?
अब बात करते हैं कि आखिर क्या होता है डेंजर एरिया। सरल शब्दों में कहें तो विकटों के सामने जो सीधी जगह होती है उसे डेंजर एरिया कहा जाता है। गेंदबाज गेंद फेंकते समय इस एरिया में आकर गेंद नहीं फेंक सकता क्योंकि इससे फिर अंपायर को यह दिखाई नहीं देता कि बल्लेबाज एल्बीडब्ल्यू या एज लगने के बाद कैच आउट है या नहीं। वहीं अश्विन गेंद फेंकने के बाद डेंजर एरिया की ओर घूम रहे थे, जिससे अंपायर नितिन मेनन सामने नहीं देख पा रहे थे क्योंकि उनका कद भी अश्विन से कम है। अश्विन पिच को क्रॉस करते हुए अंपायर के साथ-साथ नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े बल्लेबाज का रास्ता भी रोक रहे थे। नियमों के अनुसार, कोई भी गेंदबाज अपने फॉलो-थ्रू में डेंजर एरिया में लैंड नहीं कर सकता। अगर गेंदबाज बार-बार डेंजर एरिया से गेंदबाजी करता है तो जूतों से पिच का खराब होना तय है क्योंकि बल्लेबाजी के लिए ये एरिया काफी अहम होता है।

बैन भी लग सकता है
डेंजर एरिया का बार-बार इस्तेमाल करना गेंदबाज के लिए बहुत भारी भी पड़ सकता है। पहले मैदानी अंपायर एक चेतावनी देते हैं, जैसे कि अश्विन को मिली थी। अगर फिर गेंदबाज डेंजर एरिया में आकर पिच को खराब करने का प्रयास करता है तो फिर उसे अंपायर तुरंत गेंदबाजी से हटा सकता है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने ऐसी गलती की थी। उन्होंने जानबूझकर डेंजर एरिया में जूता रगड़ना शुरू किया था जिसके बाद उन्हें एक टेस्ट और दो वनडे मैचों से बाहर कर दिया गया था।


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