मैनचेस्टर। टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी को मैदान पर उनकी सूझबूझ और शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है। खेल के दौरान वह हर पहलू पर नजर रखते हैं, जिसकी वजह से विरोधी टीम की चुनौती काफी बढ़ जाती है। डिसिजन रिव्यू सिस्टम के मामले में भी महेंद्र सिंह धोनी के फैसले अबतक काफी शानदार रहे हैं, उनके सटीक निर्णय का आलम यह है कि धोनी के प्रशंसक डीआरएस को धोनी रिव्यू सिस्टम भी कहते हैं। लेकिन रविवार को विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में डीआरएस लेने के मामले में धोनी से चूक हो गई।
दअरसल पाकिस्तान की बल्लेबाजी के दौरान 19वें ओवर में जब युजवेंद्र चाहल गेंदबाजी कर रहे थे तो बाबर आजम क्रीज पर मौजूद थे और वह चाहल की गेंद पर पूरी तरह से बीट हो गए और उन्हें यह गेंद बिल्कुल समझ नहीं आई। चाहल की यह गेंद बाबर आजम के पैड और बैट पर एक ही समय लगी, जिसके बाद टीम ने अंपायर से आउट की अपील की। हालांकि कप्तान विराट कोहली और युजवेंद्र चाहल इस बात से पूरी तरह से आश्वस्त थे कि गेंद ने पहले पैड को छुआ है और वह रिव्यू लेना चाहते थे।
लेकिन महेंद्र सिंह धोनी इस बात से आश्वस्त नहीं थे, उनका मानना था कि गेंद ने पहले बल्ले को छुआ है, लिहाजा उन्होंने कोहली को रिव्यू लेने से मना किया। हालांकि कोहली धोनी के फैसले से खुश नहीं थे, वह डीआरएस लेना चाहते थे, लेकिन फिर उन्होंने धोनी की बात मानते हुए रिव्यू नहीं लिया। लेकिन जब रिप्ले दिखाया गया तो उसमे साफ दिखा कि गेंद ने पहले पैड को छुआ था। इस वक्त बाबर आजम 40 गेंदों पर 34 रन के स्कोर पर बल्लेबाजी कर रहे थे और पाकिस्तान का स्कोर 86 रन पर एक विकेट था। लेकिन भारत को यह फैसला महंगा नहीं पड़ा जब 48 रन के स्कोर पर कुलदीप यादव की शानदार गेंद पर बाबर आउट हो गए। बाबर का विकेट गिरते ही धोनी के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती थी।