
खेली थी नाबाद पारी
साल 1986 के फरवरी में इंग्लैंड की टीम पांच मैचों की सीरीज के लिए विंडीज दाैरे पर थी। एंटिगुआ में हुए आखिरी मुकाबले में रिचर्ड्स ने टेस्ट इतिहास की एक सर्वश्रेष्ठ पारी खेली थी। इयान बॉथम और ग्राहम गूच वाले इंग्लिश अटैक के खिलाफ खेलते हुए रिचर्ड्स ने दूसरी पारी में 189.65 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 58 गेंदो पर नाबाद 110 रनों पारी खेली थी, जिसमें 7 चाैके और 7 ही छक्के शामिल रहे थे। चर्ड्स ने मात्र 81 मिनटों में अपने टेस्ट करियर का 20वां शतक लगाया। गौरतलब है कि इस पारी के दौरान शायद टेस्ट क्रिकेट में ऐसा पहली बार हुआ था कि सात फील्डर्स बाउंड्री पर लगे थे। आमतौर पर टेस्ट क्रिकेट में ऐसा नहीं होता लेकिन ना ही ये कोई आम मैच था और ना ही रिचर्ड्स की ये पारी साधारण।

जीत दिलाने में निभाई भूमिका
गाैरतलब है कि इस रिचर्ड्स की इस पारी ने विंडीज को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। विंडीज ने पहली पारी में 474 रन बनाए थे। पहली पारी में रिचर्ड्स सिर्फ 24 रन ही बना सके थे। इंग्लैंड ने पहली पारी में 310 रन बनाए। 164 रन की बढ़त के साथ बल्लेबाजी करने उतरी विंडीज टीम ने दूसरी पारी 2 विकेट खोकर 246 पर घोषित कर दी। विंडीज ने 411 रनों का लक्ष्य दिया लेकिन जवाब में इंग्लैंड़ 170 पर ढेर होकर 240 रनों से मैच हार गई।'
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30 साल तक नहीं टूटा था रिकाॅर्ड
रिचर्ड्स का सबसे तेज टेस्ट शतक बनाने का रिकॉर्ड अगले 30 सालों तक रिचर्ड्स के नाम रहा था, जिसे साल 2016 में न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान ब्रैंडन मैक्कुलम ने क्राइस्टचर्च टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 54 गेंदो पर शतक बनाकर तोड़ा।


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