नई दिल्ली। आईसीसी महिला विश्वकप के दूसरे सेमीफाइनल में नाबाद 171 रनों की तूफानी पारी खेलने वाली हरमनप्रीत कौर ने काफी संघर्ष किया है। हरमनप्रीत कौर की जिंदगी में एक दौर ऐसा भी था जब रेलवे में नौकरी पाने के लिए सचिन तेंदुलकर ने उनकी मदद की थी। सेमीफाइनल में ताबड़तोड़ 115 गेंदों में 171 रनों की पारी खेलने वाली हरमनप्रीत कौर आज भारत का बच्चा जानने लगा है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्हें नौकरनी नहीं मिल रही थी।
डायना एल्डुजी ने पहचानी हरमनप्रीत कौर की प्रतिभा
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक पूर्व भारतीय महिला क्रिकेटर डायना एल्डुजी ने जूनियर क्रिकेटर के तौर पर ही हरमनप्रीत कौर की प्रतिभा को पहचान लिया था और वे चाहतीं थी हरमन मुंबई शिफ्ट हो जाएं। यही नहीं उन्होंने सचिन तेंदुलकर की कुछ मदद से हरमन की पश्चिमी रेलवे में नौकरी भी लगवाई थी।
एल्डुजी वेस्टर्न रेलवे से एक रिटायर्ड स्पोर्ट्स ऑफिसर हैं। उन्होंने सबसे पहले हरमनप्रीत की प्रतिभा को जूनियर सर्किट में पहचाना था और वह चाहती थीं कि हरमन मुंबई की क्रिकेट टीम में शामिल हों।
प्रेसिडेंट ने खारिज कर दिया था लेटर
डायना कहती हैं, 'उसे (हरमनप्रीत कौर) उत्तर रेलवे में जूनियर क्लास की पोस्ट मिल रही थी। मैंने उसे चीफ ऑफिस सुपरिटेंडेंट पोस्ट ऑफर किया और इसके लिए बाद में दिल्ली आवेदन भेजा, लेकिन प्रेसिडेंट द्वारा इसे खारिज कर दिया गया।'
संसद सदस्य थे सचिन,मंत्री को लेटर लिख की थी सिफारिश
डायना आगे कहती हैं कि, "मैंने सचिन से कहा, जो संसद के सदस्य हैं, कि वे रेलवे मंत्री को लेटर लिखें, ताकि हरमनप्रीत कौर का केस आगे बढ़े।" सचिन तेंदुलकर के लेटर और थोड़ी मान मनौव्वल के बाद इडुलिज ने उच्च अधिकारियों को मना लिया और इस तरह से कौर की वेस्टर्न रेलवे में नौकरी लग गई।
पहली बार भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बिजनेस क्लास में सफर किया
डायना के मुताबिक वर्ल्ड कप के लिए इंग्लैंड जाने से पहले कई खिलाड़ी किट बैग के लिए संघर्ष कर रही थीं। हालांकि चीजें बदली हैं। यह पहला मौका था जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बिजनेस क्लास में सफर किया। आपको बता दें कि भारतीय टीम अब 23 जुलाई को फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ेगी अपना पहला वर्ल्ड कप जीतने की पूरी कोशिश करेगी।