जब दस्त और डायरिया के बावजूद मैच खेलने उतरे सचिन तेंदुलकर, पाकिस्तान के खिलाफ खेली यादगार पारी

Sachin Tendulkar

नई दिल्ली। दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में से एक और फैन्स के बीच क्रिकेट के भगवान के नाम से मशहूर दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ऐसे ही रातों रात स्टार खिलाड़ी नहीं बनें। खेल के प्रति उनकी लगन ने ही 24 साल तक मैदान के अंदर से फैन्स के दिलों पर राज करने में मदद की। खेल के प्रति लगन का ऐसा ही एक वाक्या खुद सचिन तेंदुलकर ने सुनाया जिसके बारे में बेहद कम ही लोग जानते होंगे।

एक निजी चैनल के कार्यक्रम में शिरकत करते हुए सचिन तेंदुलकर ने बताया कि कैसे 2003 विश्व कप के दौरान उनकी हालत खराब हो गई थी और बावजूद उसके वह मैदान पर टिके रहे। इतना ही नहीं पाकिस्तान के खिलाफ खेले गये इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने 98 रनों की पारी खेली और भारत को मैच जिताया। पाकिस्तान के खिलाफ खेले गये इस मैच में सचिव को गंभीर रूप से दस्त (डायरिया) और खिंचाव (क्रैम्प्स) का सामना करना पड़ा और बावजूद इन सबके वह अगले मैच में श्रीलंका के खिलाफ मैदान पर उतरे और अपनी हेल्थ को लेकर जोखिम लिया।

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2003 विश्वकप के हर फैन को सचिन तेंदुलकर की पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई पारी याद होगी लेकिन उस दौरान इस भारतीय बल्लेबाज को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ा उसके बारे में शायद ही किसी को अंदाजा भी हो।

जब पाकिस्तान के खिलाफ सचिन को लेना पड़ा रनर

जब पाकिस्तान के खिलाफ सचिन को लेना पड़ा रनर

पाकिस्तान के खिलाफ क्रैम्प्स से जूझ रहे सचिन तेंदुलकर को डायरिया ने जकड़ लिया था और बावजूद इसके वह श्रीलंका के खिलाफ मैदान पर उतरे। दस्त से जूझ रहे सचिन तेंदुलकर को इस मैच में टिशू पेपर का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने 97 रनों की पारी खेली जिसके चलते भारतीय टीम ने इस मैच को 183 रन से जीता।

कार्यक्रम के दौरान सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘पाकिस्तान के खिलाफ वह मैच मेरे करियर का एकमात्र ऐसा मुकाबला था जिसमें मैंने रनर लिया था।'

इस विश्व कप में तेंदुलकर ने 673 रन बनाए थे जो किसी भी खिलाड़ी का एक विश्व कप में सबसे अधिक रन का रिकॉर्ड है।

जब मैदान पर ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे सचिन

जब मैदान पर ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे सचिन

सचिन ने बताया कि 2003 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गये मैच में वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने उन्हें 500 किलोग्राम वजन के साथ बांध दिया हो।

सचिन ने कहा कि आप इस बारे में हमारे तत्कालीन फिजियो एंड्रयू लीपस से पूछ सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘मेरे शरीर में काफी दर्द था और मैं रन लेने के लिए दौड़ रहा था जो सही नहीं था। मैं मैदान पर गिर गया और मैंने उठने की कोशिश की लेकिन उठ नहीं पाया। मुझे लगा ऐंठन के कारण शरीर को काफी नुकसान होगा। और अंत में मुझे अपने लिये रनर लेना पड़ा।'

मास्टर ब्लास्टर ने बताया कहां से मिली प्रेरणा

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सचिन तेंदुलकर ने बताया कि पाकिस्तान के खिलाफ खेले गये मैच के बाद मैं क्रैम्प और पेट की ऐंठन से जूझ रहा था जिससे निपटने के लिये मैं जरूरत से ज्यादा नमक का पानी पी गया और इसका असर उल्टा पड़ गया।

उन्होंने कहा, ‘मेरे पेट में समस्या थी लेकिन मैं अगले मैच में ऐंठन से बचना चाहता था इसलिए मैं जरूरत से ज्यादा नमक पानी का घोल ले रहा था। यह इतना ज्यादा हो गया कि मुझे डायरिया की समस्या हो गई।'

सचिन तेंदुलकर से पूछा गया कि ऐसी शारीरिक स्थिति के बाद भी उन्होंने मैदान में उतरने का फैसला कैसे किया तो इस पूर्व दिग्गज ने कहा, ‘जब आप इस स्तर पर खेलते हैं तो उन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आपको वहां जाना होता है और खेलना पड़ता है, फिर चाहे मैं वहां खड़ा रहूं, बल्लेबाजी करूं या नहीं।'

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Story first published: Sunday, December 22, 2019, 8:35 [IST]
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