
शिखर धवन
लोग हर मोड़ पर रुक-रुक संभलते क्यों हैं,इतना डरते हैं तो घर से निकलते क्यों हैं? ....राहत इंदौरी

महेंद्र सिंह धोनी
रात की धड़कन जब तक जारी रहती,सोते नहीं हम,जिम्मेदारी रहती है।

विराट कोहली
इश्क में आने के लिए काफी हूं,मैं निहत्था जमाने के लिए काफी हूं।

सुरेश रैना
इस सादगी पर कौन ना मारा जाए ऐ खुदा,लड़ते हैं और हांथ में तलवार भी नहीं..

अजिंक्या रहाणे
ये सहारा जो ना हो तो परेशान हो जाए, मुश्किल जान ले ले मगर आसान हो जाए।


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